शहीद कमांडो संदीप सिंह को इस हौसले से किया परिवार ने आखिरी सलाम

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कमांडो संदीप सिंह
पंजाब के गुरदासपुर में भारतीय सेना के लांसनायक कमांडो संदीप सिंह का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पहुंचा तो उनकी पत्नी और बेटे ने पूरे गर्व के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी. फोटो साभार : ANI

भारतीय सेना के लांसनायक कमांडो संदीप सिंह का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर जब पंजाब के गुरदासपुर में उनके घर लाया गया तो सख्तदिल लोगों के लिए भी अपने जज्बातों को काबू में रख पाना मुश्किल हो रहा था. नज़ारा ही कुछ ऐसा था. जांबाज़ पति संदीप को उनकी पत्नी न सिर्फ सैल्यूट कर रही थी बल्कि पांच साल के अपने इकलौते बेटे को भी उसी तरह से आखिरी दर्शन करवा रही थी. रोकने की तमाम कोशिश के बावज़ूद बहुतों के लिए आंखें गीली होने से रोक पाना नामुमकिन हो रहा था.

कमांडो संदीप सिंह
कमांडो संदीप सिंह की फाइल फोटो.
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कमांडो संदीप सिंह का पार्थिव शरीर जब उनके घर लाया गया.
कमांडो संदीप सिंह
गुरदासपुर में भारतीय सेना के शहीद लांसनायक कमांडो संदीप सिंह को उनकी पत्नी और बेटा अंतिम विदाई देने पहुंचे. फोटो साभार : ANI

भारतीय सेना की 4 पैरा का कमांडो संदीप कश्मीर के तंगधार सेक्टर में, आतंकवादियों की घुसपैठ की सूचना मिलने पर उनकी तलाश में गई उस टुकड़ी की अगुआई कर रहा था जिसका रविवार को हथियारबंद आतंकियों से आमने सामने का मुकाबला हुआ. इस गोलीबारी में दो आतंकवादी मारे थे और तीन आतंकवादी सोमवार (24 सितम्बर) को सुरक्षा बलों ने मार डाले. लेकिन इस मुठभेड़ में कमांडो संदीप घायल हो गया. लांसनायक संदीप ने इलाज के दौरान सेना के अस्पताल में सोमवार को दम तोड़ दिया. मंगलवार को कमांडो संदीप को सैन्य सम्मान के साथ पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद साथियों, परिवार वालों और गाँव वालों ने हमेशा के लिए विदा कर दिया.

इस बीच सेना ने मीडिया में आईं कमांडो संदीप सिंह की मृत्यु की ख़बर के उन तथ्य को गलत करार दिया जिनमें कहा गया था कि लांसनायक संदीप सिंह दो साल पहले पाकिस्तान में भारतीय सेना के किये गये सर्जिकल स्ट्राइक आपरेशन में शामिल था.

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