जैश आतंकियों से मुठभेड़, मेजर की जान बचाने में डीएसपी अमन ठाकुर व जवान शहीद

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अमन ठाकुर
जैश आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अमन ठाकुर.

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम स्थित तूरीगाम में सुरक्षाबलों ने रविवार को जबरदस्त मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को मार गिराया. मुठभेड़ में एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अमन ठाकुर और सेना के एक जवान शहीद हो गए जबकि एक मेजर समेत तीन जवान घायल हो गये हैं. इस दौरान आतंकी समर्थकों के साथ हुई झड़प में छह लोग भी घायल हुए हैं. अमन ठाकुर ने मेजर की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की और एक आतंकवादी को भी ढेर कर दिया. अमन जम्मू क्षेत्र के डोडा के रहने वाले थे.

अमन ठाकुर 2011 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी थे. उन्होंने दो सरकारी नौकरियों को दरकिनार कर पुलिस की सेवा में जाने का फैसला किया था. उन्हें वर्दी का बहुत शौक था. अमन करीब डेढ साल से जम्मू-कश्मीर पुलिस की आतंकवाद निरोधक शाखा में तैनात थे. सेना के शहीद हवलदार का नाम सोमबीर है. राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने बताया कि हमने पुलिस उपाधीक्षक अमन ठाकुर के रूप में एक वीर योद्धा को खो दिया है. यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है.

ज्ञात हो कि 14 फरवरी को पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद से सेना और सुरक्षा बल आतंकियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं.

घटनाक्रम के अनुसार रविवार दोपहर को सुरक्षा बलों को सूचना मिली कि जैश के आतंकियों का एक दल तूरीगाम में आया है. उसी समय सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के एक संयुक्त कार्यदल ने आतंकियों को मार गिराने का अभियान शुरू किया. सुरक्षाबलों ने जैसे ही तूरीगाम की घेराबंदी करते हुए घरों की तलाशी शुरू की, तभी मकान में छिपे आतंकियों ने फायरिंग कर दी. करीब तीन बजे शुरू हुई मुठभेड़ में मेजर सुशील सिंह ने आतंकियों को मार गिराने के लिए जैसे ही उनके ठिकाने के भीतर जाने का प्रयास किया. उन्हें गोली लग गई. इस दौरान उनके साथ बलदेव राम, सिपाही जसवीर सिंह और हवलदार सोमवीर जख्मी हो गए.

सुरक्षाकर्मियों ने आतंकियों की गोलियों का जवाब देते हुए घायल पड़े जवानों को वहां से हटाने का अभियान शुरू किया. सभी जवानों को हटा लिया गया, लेकिन मेजर जमीन पर आतंकियों की सीधी फायरिंग रेंज में थे. यह देख राज्य पुलिस विशेष अभियान दल (एसओजी) के डीएसपी अमन ठाकुर ने खुद मोर्चा संभाला. इस दौरान जैसे ही वह मेजर को उठाने लगे तो आतंकियों की गोली का शिकार हो गए. लेकिन इस दौरान भी वह मेजर को वहां से हटाने में कामयाब रहे और जवाबी कार्रवाई करते हुए एक आतंकी को मार गिराया.

घायल मेजर और डीएसपी को उसी समय श्रीनगर स्थित सेना के बेस अस्पताल लाया गया, जहां डीएसपी अमन ठाकुर और सैन्यकर्मी सोमवीर को मृत घोषित कर दिया गया है. इस बीच अन्य जवानों ने आतंकियों को मार गिराने के लिए अभियान जारी रखा और वहां छिपे दो आतंकियों को मार गिराया.

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