एयर मार्शल वालिया ( air marshal inderpal singh walia) 31 अक्टूबर को पदोन्नत हो कर भारतीय वायु सेना के प्रमुख का ओहदा संभालने जा रहे एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का स्थान लेंगे. एयर मार्शल दीक्षित भारत के 29वें वायु सेना प्रमुख होंगे . इस बदलाव के साथ, ऐरत मार्शल वालिया को भारतीय वायु सेना के सबसे महत्वपूर्ण परिचालन (operational) और प्रशासनिक ( administrative ) पदों में से एक की जिम्मेदारी मिलेगी, जो वरिष्ठ नेतृत्व में हो रहे बदलाव के दौर में एक अहम कदम है.
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी ( national defence academy )के पूर्व छात्र, एयर मार्शल वालिया 11 जून 1988 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे. तकरीबन चार दशकों की अपनी सेवा के दौरान, उन्होंने परिचालन, कमान और रणनीतिक मामलों में व्यापक अनुभव हासिल किया है.
वालिया एक कुशल लड़ाकू पायलट हैं, जो मिग-21, मिग-23, मिग-27, जगुआर और सुखोई-30MKI (Su-30MKI) विमानों के सभी संस्करणों को उड़ा सकते हैं. लड़ाकू विमानों की कई पीढ़ियों के साथ उनका अनुभव उनके उस लम्बे करियर को दर्शाता है, जो भारतीय वायु सेना के फाइटर ऑपरेशंस और युद्ध के लिए तैयारियों से गहराई से जुड़ा रहा है.
एयर मार्शल वालिया ने अपनी सेवा के दौरान, कई महत्वपूर्ण कमान और स्टाफ पदों पर कार्य किया है. इनमें एक अग्रिम मोर्चे की लड़ाकू स्क्वाड्रन की कमान संभालना और ‘टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट’ (TACDE) का नेतृत्व करना शामिल है. टीएसीडीई भारतीय वायु सेना का एक प्रमुख संस्थान है, जो हवाई युद्ध की रणनीतियों (tactics) और परिचालन प्रशिक्षण को तैयार करने के लिए जिम्मेदार है.
अपने पेशेवर सैन्य करियर के साथ-साथ, वालिया की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत है. उन्हें पढ़ने का बहुत शौक है और उनके पास ‘डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज’ (रक्षा और रणनीतिक अध्ययन) में तीन स्नातकोत्तर डिग्रियां हैं.
उन्हें उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दो बार सम्मानित किया जा चुका है. एयर मार्शल वालिया को 2008 में ‘वायु सेना मेडल’ और 2018 में ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ से नवाजा गया था.










