
ट्रैफिक पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर विशेष आयुक्त ( special commissioner ) अजय चौधरी ने श्री कुमार का स्वागत किया. इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त संजय त्यागी और ट्रैफिक यूनिट के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. श्री त्यागी ने स्वागत भाषण दिया, जिसमें उन्होंने सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा की गई पहलों का जिक्र किया. उन्होंने ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न उपायों के सफल कार्यान्वयन और कुशल ट्रैफिक प्रबंधन पर भी प्रकाश डाला.
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों और कर्मियों के अथक प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद, वे ट्रैफिक को सुचारू रखने, दुर्घटनाओं को रोकने, ट्रैफिक नियमों का पालन कराने और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं. उन्होंने रोज़मर्रा के ट्रैफिक जाम को संभालने और बड़े राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों के लिए व्यापक इंतजाम करने में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका को सराहा.
पुलिसकर्मियों के मुद्दे :
श्री कुमार ने अधिकारियों और कर्मियों से बातचीत की और उन्हें अपने सुझाव व शिकायतें साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया. कुछ कर्मियों ने करियर में तरक्की, मेडिकल क्लेम के भुगतान, सरकारी आवास (क्वार्टर) के आवंटन, और तबादलों व पोस्टिंग से जुड़े मुद्दे उठाए. दिल्ली के पुलिस कमिश्नर ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं पर गौर किया जाएगा और शिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे.
सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी:
पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने अधिकारियों और कर्मियों से आग्रह किया कि वे सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, तकनीक-आधारित प्रवर्तन (enforcement) और नागरिकों के साथ जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास करें, ताकि दिल्ली की सड़कों को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके और ट्रैफिक प्रबंधन को जनता की जरूरतों के प्रति और अधिक संवेदनशील बनाया जा सके. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रभावी ट्रैफिक पुलिसिंग का मतलब सिर्फ कानून लागू करना ही नहीं है, बल्कि सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी बनाए रखना भी है—खासकर व्यस्त घंटों ( peak hours ) और भीड़-भाड़ के समय पुलिसकर्मियों की मौजूदगी मात्र से ही लोग ट्रैफिक नियमों को तोड़ने से बच सकते हैं.
जन-केंद्रित पुलिस :
उन्होंने नागरिकों को जागरूक करने, सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार अपनाने और जरूरतमंदों की मदद करने के महत्व पर भी जोर दिया. इससे आपसी सम्मान, नागरिक जिम्मेदारी और सड़क सुरक्षा की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया कि कानून का पालन कराने की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और जन-केंद्रित होनी चाहिए.









