भारत-चीन के बीच सातवां संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास ‘हैंड-इन-हैंड’ सम्पन्न

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हैंड-इन-हैंड
भारत और चीन के बीच हुए सातवें संयुक्त सेना युद्धाभ्यास ‘हैंड-इन-हैंड’ - 2018 के समापन पर दोनों सेनाओं के जवान.

भारत और चीन के बीच हुए सातवें संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास ‘हैंड-इन-हैंड’ – 2018 को दोनों देशों के लिए मैत्रीपूर्ण संबंध बढ़ाने के नज़रिए से कामयाब और अहम माना जा रहा है. दोनों देशों की सेनाओं का ये युद्धाभ्यास रविवार 23 दिसम्बर को पूरा हो गया. इस युद्धाभ्यास में आतंकवादियों के अड्डों को घेरने और खोज अभियानों, छापामारी करने, खुफिया जानकारी जुटाने और संयुक्त संचालनों जैसे आतंकवाद से निपटने के अनेक पहलुओं पर आधारित व्याख्यान और विचार-विमर्श शामिल थे. दोनों टुकड़ियों के लिए अंतर-संचालनीयता बढ़ाने और संयुक्त अभियान को बढ़ावा देने के मकसद से समन्वित लाइव फायरिंग भी इस दौरान की गई.

दोनों सेनाओं की टुकड़ियों ने 22 दिसम्बर, 2018 को आयोजित मान्यीकरण अभ्यास के हिस्से़ के रूप में घर के भीतर कार्रवाई करने और बंधकों के बचाव सहित विशेष संयुक्त आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन किये, जिसे दोनों सेनाओं के गण्यमान्य अधिकारियों ने देखा. भारतीय सेना के त्रिशूल डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेज़र जनरल संजीव राय ने दोनों भागीदार देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति में मान्यीकरण अभ्यास का निरीक्षण किया. इस मौके पर मेजर जनरल ली-शीजोंग चीन की नुमाइंदगी कर रहे थे.

भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध बढ़ाने में युद्धाभ्यास हैंड-इन-हैंड 2018 काफी सफल साबित हुआ. सैन्य टुकड़ियों ने शहरी और जंगली क्षेत्रों में आतंकवाद से निपटने में दोनों देशों द्वारा अपनाये गये श्रेष्ठ तौर तरीके साझा किये. इस युद्धाभ्यास से दोनों देशों की सेनाओं को परस्पर विश्वास और सहयोग की समझ बढ़ाने और उसे मजबूत करने का भी एक अवसर मिला.