साइकिलों पर सैनिक अपना ही विश्व रिकार्ड तोड़ने दिल्ली से निकले

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भारतीय सेना
कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल के.के. अग्रवाल ने राजपथ से हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया.

भारतीय सेना की कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स ने अल्ट्रा-साइकिल अभियान के तहत अपने ही एक रिकार्ड को तोड़ने का फैसला किया है. कोर का साइकिल दल स्वर्णिम चतुर्भुज का फासला कम से कम समय में पूरा करने के अभियान पर दिल्ली से रवाना हुआ.

भारतीय सेना की कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल के.के. अग्रवाल ने राजपथ से सुबह हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया.

अल्ट्रा-साइकिल अभियान के दूसरे चरण के तहत ये दल स्वर्णिम चतुर्भुज रूट पर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के बीच 5,918 किलोमीटर की दूरी कम से कम समय में तय करके नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा. इससे पहले इसी दल ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में यह कारनामा दर्ज कराया था. इस बार अभियान दल ने साइकिल पर बनाये अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ने का लक्ष्य तय किया है.

भारतीय सेना की कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स ने अपने प्लेटिनम जयंती समारोह के उपलक्ष्य में अल्ट्रा-साइकिल अभियान की शुरूआत सिकंदराबाद से 15 अगस्त, 2018 को की थी. इस दौरान यह अभियान देश के सभी राज्यों से गुजरते हुए 25 हजार किलोमीटर की दूरी तय करेगा. अभियान के दूसरे चरण में स्वर्णिम चतुर्भुज का फासला तय होना है. अब तक अभियान दल ने 18,350 किलोमीटर की दूरी तय कर ली है.

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