भारतीय सेना के नायब सूबेदार अमित पंघल ने चैम्पियन को हरा जीता गोल्ड मेडल

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नायब सूबेदार अमित पंघल
भारतीय सेना के नायब सूबेदार अमित पंघल ने मुक्केबाजी के 49 किलो भार वर्ग में सोना जीता.

भारतीय सेना के नायब सूबेदार अमित पंघल ने जकार्ता एशियाई खेलों (Asian Games 2018) में उज्बेकिस्तान के बाक्सर को हराकर भारत के लिए इन खेलों में 14 वां गोल्ड मेडल हासिल किया. एक बड़ी उपलब्धि ये भी रही कि उन्होंने 49 किलो भार वर्ग वाले इस मुकाबले में उस मुक्केबाज़ हसन ब्वाय दुस्मातोव को हराया जिसने दो साल पहले रियो ओलम्पिक गेम्स में सोने का तमगा हासिल किया था.

इस जीत के साथ भारत और भारतीय सेना के लिए गौरव बने 22 साल के अमित पंघल एशियाई खेलों में मुक्केबाज़ी में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने वाले 8 वें बाक्सर हैं. विश्व मुकाबले में क्वार्टर फाइनल तक पहुँच कर कांस्य पदक से संतोष करने वाले अमित पंघल ने राष्ट्रकुल खेलों में रजत पदक (Silver Medal) जीता था. उनसे पहले एशियाई खेलों में मुक्केबाजी में विकास कृष्ण और विजेंदर सिंह की जोड़ी ने भारत के लिए 2010 में गोल्ड मेडल जीता था. विकास को 75 किलोग्राम भार वर्ग में इस बार रजत पदक (Silver Medal) से संतोष करना पड़ा. इससे पहले 2014 में एमसी मैरीकोम ने पहला गोल्ड मेडल हासिल किया था.

अमित पंघल
नायब सूबेदार अमित पंघल ने भारत को 14वां स्वर्ण पदक दिलाया. Source/All India Radio

‘दूध दही का खाणा’ वाले प्रदेश हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले अमित पंघल का जन्म 16 अक्तूबर 1995 को रोहतक जिले के मायना गांव के विजेन्द्र सिंह के घर में हुआ था. वैसे सेना में अमित कुछ अरसा पहले ही शामिल हुए लेकिन फौज़ से उनके परिवार का पुराना नाता है. उनके बड़े भाई अजय भी भारतीय सेना में हैं और उनकी प्रेरणा से ही अमित पंघल कुछ ही अरसा पहले सेना में भर्ती हुआ.

अमित ने 2009 में स्कूली दिनों में मुक्केबाज़ी खेलना शुरू किया था और उसी साल औरंगाबाद में 25वें सब जूनियर राष्ट्रीय मुकाबले में गोल्ड मेडल जीता था. इसके बाद जूनियर और फिर यूनिवर्सिटी में भी अमित का मुक्केबाजी में मेडल जीतने का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ जो अब अन्तरराष्ट्रीय क्षितिज पर छा गया है.

अमित पंघल की इस जीत पर भारतीय खेल जगत के साथ साथ सेना में भी ख़ुशी है जिसका इज़हार केन्द्रीय मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर से लेकर बड़े बड़े सैन्य अधिकारी भी सोशल मीडिया पर कर रहे हैं.

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