एनडीआरएफ की 8वीं बटालियन को सुभाष चन्द्र बोस आपदा पुरस्कार

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सुभाष चन्द्र बोस आपदा पुरस्कार
प्रतीकात्मक फोटो

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (National Disaster Response force – एनडीआरएफ) की आठवीं बटालियन को आपदा प्रबंधन में बेहतरीन काम के लिए पहले सुभाष चन्द्र बोस आपदा पुरस्कार के लिए चुना गया है. पुरस्कार के तौर पर 51 लाख रुपये की नगद धनराशि और एक प्रमाण-पत्र दिया जाएगा. एनडीआरएफ की 8वीं बटालियन उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में है जिसका गठन 2006 में किया गया था. यह विशेषज्ञ बचाव और अनुक्रिया बल है और इसका दायित्व क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), उत्तराखण्ड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा है.

भारत को अंग्रेज़ी हुकूमत से आज़ाद कराने के आन्दोलन के नायक और आज़ाद हिन्द फ़ौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के नाम पर आपदा प्रबन्धन के काम को समर्पित इस पुरस्कार की स्थापना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए विचार के तहत की गई.

एनडीआरएफ की 8 वीं बटालियन इसे प्राप्त करने वाला पहला संगठन है. ये 2019 का सुभाष चन्द्र बोस आपदा पुरस्कार है. इस पुरस्कार की घोषणा हर साल 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर की जाएगी.

एनडीआरएफ की 8वीं बटालियन ने 314 प्रमुख कार्रवाइयों में हिस्सा लिया है और 50,000 से ज़्यादा लोगों को बचाया है. हाल में केरल की बाढ़ में बटालियन ने 5338 पीड़ितों को बचाया और 24000 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. एनडीआरएफ की यह बटालियन लेह में 2011 में बादल फटने की घटना, इसके बाद 2013 में केदारनाथ आपदा, 2014 में आये चक्रवाती तूफान, चेन्नई में 2015 में आई बाढ़ तथा त्रिपुरा में 2018 में बाढ़ जैसी आपदाओं में बचाव और राहत के काम में जुटी थी. इसी बटालियन ने 2010 में दिल्ली के मायापुरी विकिरण की घटना के दौरान खतरों को समाप्त करने में कारगर भूमिका निभाई थी.

इस बटालियन ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी आपदा प्रबंधन के काबिले तारीफ़ काम किये हैं. 2015 में नेपाल भूकम्प के बाद सबसे पहले काठमांडू पहुंचने वाले दलों में इस बटालियन की 6 टीम थीं. इन टीमों को जापान की फूकुसीमा डाइची परमाणु आपदा के वक्त 2011 में और इंडोनेशिया में हाल की सुनामी के समय में भी भेजा गया था.

अनुक्रिया और राहत कार्य के अलावा एनडीआरएफ की 8वीं बटालियन ने एसडीआरएफ, एनसीसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड, नेहरू युवा केन्द्र संगठन तथा नेपाल पुलिस को भी प्रशिक्षित किया है. इस बटालियन के चलाये गये समुदाय आधारित क्षमता सृजन कार्यक्रमों से 9 लाख से ज़्यादा लोगों को फायदा हुआ है.

किसे मिला करेगा ये पुरस्कार : सभी भारतीय नागरिक और संगठन जिन्होंने आपदा प्रबंधन के विभिन्न क्षेत्रों में रोकथाम, तैयारी, बचाव, राहत, पुनर्वास, शोध या पूर्व चेतावनी में विशिष्ट योगदान दिया है, वे सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के योग्य हैं. एक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक़ 2019 के लिए इस पुरस्कार का प्रचार-प्रसार किया गया था और 19 दिसंबर, 2018 से 7 जनवरी, 2019 तक नामांकन आमंत्रित किए गए थे. इसके लिये 300 से ज्यादा नामांकन प्राप्त हुए थे.

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