धमाके में घायल सीआरपीएफ अधिकारी विकाश सिंघल के प्राण बच न सके

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डिप्टी कमांडेंट विकाश सिंघल
डिप्टी कमांडेंट विकाश सिंघल (बाएं) की पत्नी और गोद में बेटा.

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के गढ़ सुकमा में केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ CRPF) के एक ऑपरेशन के दौरान आईईडी (IED) धमाके में घायल हुए डिप्टी कमांडेंट विकाश सिंघल को बचाया न जा सका. जांबाज़ अधिकारी विकाश ने आधी रात को राजधानी रायपुर के अस्पताल में प्राण त्याग दिए. शहीद हुए विकाश कुमार पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फर नगर के पेचंदा कला गांव के रहने वाले थे. समाचार लिखे जाने तक मुज़फ्फर नगर में पुलिस सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को लाने की प्रक्रिया चल रही थी. उनका अंतिम संस्कार कल (15 दिसंबर 2020) सुबह 10 बजे के करीब होगा.

डिप्टी कमांडेंट विकाश सिंघल
डिप्टी कमांडेंट विकाश सिंघल
डिप्टी कमांडेंट विकाश सिंघल
डिप्टी कमांडेंट विकाश सिंघल की पत्नी और बच्चों को सांत्वना देते सीआरपीएफ के महानिदेशक एपी माहेश्वरी.

सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि 208 कोबरा बटालियन के डिप्टी कमान्डेंट विकाश कुमार छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त स्पेशल ऑपरेशन में लगे हुए थे जो सुकमा के किस्ताराम में चलाया जा रहा था. इसी दौरान कासाराम नाला के पास छिपाए गये आईईडी में धमाका हुआ और विकाश उसकी चपेट में आ जाने से बुरी तरह घायल हो गये. घायल डिप्टी कमान्डेंट विकाश सिंघल को हेलिकॉप्टर के ज़रिये लिफ्ट करके राजधानी रायपुर के अस्पताल में ले जाया गया. वहां उनकी सर्जरी भी गई लेकिन इसके बावजूद उनके जान न बच सकी.

डिप्टी कमांडेंट विकाश सिंघल
डिप्टी कमांडेंट विकाश सिंघल के पार्थिव शरीर को कंधा देते सीआरपीएफ के महानिदेशक एपी माहेश्वरी.
डिप्टी कमांडेंट विकाश सिंघल
अंतिम सलामी !!!

समाचार लिखे जाने तक सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट विकाश कुमार के पार्थिव शरीर को इंडिगो की फ्लाइट से दोपहर बाद दिल्ली लाने और यहाँ से फिर सड़क के रास्ते उनके पैतृक स्थान मुज़फ्फर नगर ले जाये जाने की तैयारी थी जो दिल्ली से तकरीबन 130 किलोमीटर दूर है.

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