‘स्वयं से पहले सेवा’ हमेशा आदर्श रहे : वाइस एडमिरल वी श्रीनिवास

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भारतीय नौ सेना के जहाज़ पर ट्रेनिंग
भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) जहाज पर  99 समुद्री प्रशिक्षुओं ने 106 एकीकृत अधिकारी प्रशिक्षु पाठ्यक्रम (आईओटीसी) पूरा किया .  पहली ट्रेनिंग स्क्वाड्रन  ( first training squadron ) में  प्रशिक्षित किए गए अधिकारियों में से कई अन्य देशों के बलों से भी थे. मॉरीशस तट रक्षक की सहायक कमांडेंट प्रिशिता जुगमाह ( prishita juggamah) यहां  से  समुद्री प्रशिक्षण पूरा करने वाली पहली महिला प्रशिक्षु बनी हैं.
यहां पर प्रशिक्षित हुए अधिकारी अब समुद्री जहाज पर प्रशिक्षण को वास्तविक रूप से अमल करने के लिए पश्चिमी और पूर्वी समुद्र तट पर अग्रिम पंक्ति के विभिन्न नौसेना युद्धपोतों तथा तटरक्षक गश्ती जहाजों में शामिल होंगे.

मॉरीशस तटरक्षक की सहायक कमांडेंट प्रिशिता जुगमाह

आईओटीसी (iotc) के समापन कार्यक्रम पर दक्षिणी नौसेना कमान  ( southern naval command ) के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल वी श्रीनिवास  मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए . उन्होंने हरे समुद्र में संचालित प्रशिक्षण चरण के सफल समापन पर प्रशिक्षुओं की तारीफ़ की और मेधावी प्रशिक्षुओं को ट्रॉफी प्रदान की.

मिड शिपमैन सी प्रणीत को सर्वश्रेष्ठ ऑल राउंड सी ट्रेनी ( sea trainee)  के लिए टेलीस्कोप का पुरस्कार दिया गया और मिडशिपमैन पीपीके रेड्डी को ओवरऑल ऑर्डर ऑफ मेरिट में प्रथम स्थान पाने के लिए बाइनोक्युलर प्रदान किया गया.

वाइस एडमिरल वी श्रीनिवास ( vice admiral v srinivas)  ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उन्हें लगातार बदलते युद्ध कौशल एवं रणनीति, प्रौद्योगिकी की गतिशीलता के साथ ज्ञान प्राप्त करने और समुद्री पर्यावरण को समझने की दिशा में कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया.

इस अवसर पर वाइस एडमिरल वी श्रीनिवास ने एक सैन्य प्रमुख के गुणों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि सैन्य दल की कमान संभालने वाले को गति, सुरक्षा एवं मनोबल बनाए रखते हुए अत्यधिक कार्य कुशलता और कर्मियों के प्रति सहानुभूति के साथ कार्य करना चाहिए. इसके लिए ‘सेवा परमो धर्म’ या ‘स्वयं से पहले सेवा’ हमेशा आदर्श वाक्य होना चाहिए.