भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में नदी पर बने एक बहुत पुराने पुल को रेस्तरां में तब्दील कर दिया है . यह पुल ज़ेमिथंग ( zemithang) में है जहां ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के तहत ‘बॉर्डर ब्रू कैफे’ ( border brew cafe)खोला गया है. इसका मकसद दूरदराज के सीमावर्ती इलाकों में सामुदायिक विकास और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देना है .
यह कैफे न्यामजंग चू नदी पर बने एक पुराने ‘बेली ब्रिज’ ( bailey bridge ) पर अनोखे ढंग से बनाया गया है, जो ऐतिहासिक ढांचे को आधुनिक उपयोगिता के साथ जोड़ता है. यह अभिनव विचार पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली कोशिश है ताकि इस खूबसूरत सीमावर्ती इलाके की सैर करने वाले पर्यटकों के लिए एक खास पहचान बन सके .
यह कैफे न्यामजंग चू नदी पर बने एक पुराने ‘बेली ब्रिज’ ( bailey bridge ) पर अनोखे ढंग से बनाया गया है, जो ऐतिहासिक ढांचे को आधुनिक उपयोगिता के साथ जोड़ता है. यह अभिनव विचार पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली कोशिश है ताकि इस खूबसूरत सीमावर्ती इलाके की सैर करने वाले पर्यटकों के लिए एक खास पहचान बन सके .
स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार के टिकाऊ अवसर पैदा करने के उद्देश्य से तैयार की गई सेना की इस परियोजना में, स्थानीय ‘मोनपा’ आदिवासी समुदाय को सक्रिय रूप से शामिल किया गया है. यह परियोजना इस क्षेत्र की संस्कृति, परंपराओं और मेहमाननवाज़ी को बढ़ावा देती है, जिससे यहाँ के निवासियों के लिए आर्थिक संभावनाएं बेहतर होती हैं.
भारतीय सेना ने इस निर्माण कार्य को रिकॉर्ड 31 दिनों में पूरा किया, जो उनकी प्रभावी योजना और कार्य-निष्पादन क्षमता को साबित करता है. यह पहल ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के उन मुख्य उद्देश्यों को दर्शाती है, जिनमें सद्भावना को बढ़ावा देना, नागरिक-सैन्य संबंधों को मज़बूत करना और सीमावर्ती समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देना शामिल है.
इस उद्घाटन समारोह में स्थानीय निवासियों, गणमान्य व्यक्तियों और सेना के जवानों ने हिस्सा लिया.
इससे पहले मार्च महीने में, भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश के मेंचुका में आम नागरिकों के लिए एक महीने का ‘बेकरी प्रशिक्षण कार्यक्रम’ आयोजित किया था. इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय समुदायों को हुनर सिखाकर सशक्त बनाना और उनमें आत्मनिर्भरता की भावना को बढ़ावा देना होता है .













