भारत की पहली 1400 किलोमीटर की अंतर्देशीय ब्रेवेट को मेजर जनरल अनिल पुरी ने रवाना किया

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ब्रेवेट यानि साइक्लिंग मैराथन
प्रतिभागियों के साथ मेजर जनरल अनिल पुरी (दाएं).

जैसा चुनौती भरा मुकाबला, वैसी ही जिंदादिल उस चुनौती के लिए हरी झंडी दिखाकर प्रेरित करने वाली शख्सियत. जी हाँ, भारत की पहली अति प्रतिष्ठित श्रेणी वाली 1400 किलोमीटर की अंतर्देशीय ब्रेवेट यानि साइक्लिंग मैराथन की शुरुआत के बारे में ये कहना गलत न होगा. 33 प्रतिभागियों वाली इस ब्रेवेट को भारतीय सेना की गोल्डन कटार डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल अनिल पुरी ने नोएडा से हरी झंडी दिखाकर न सिर्फ रवाना किया बल्कि कुछ फासला प्रतिभागियों के साथ अपनी साइकिल से भी तय किया.

ब्रेवेट यानि साइक्लिंग मैराथन
प्रतिभागियों को हरी झंडी मेजर जनरल अनिल पुरी ने दिखाई.

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आड्क्स क्लब से स्वीकृत नोएडा के इस ब्रेवेट का आयोजन नोएडा रंडोनेयर्स ने किया है, जिसमें साइक्लिस्ट के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं. उन्हें 1400 किलोमीटर का फासला न सिर्फ 112 घंटे में तय करना है बल्कि इस दौरान 6 राज्यों से गुजरते वक्त, समुद्र से 8 हज़ार मीटर ऊँची पहाड़ी सड़क पर भी अपनी मांसपेशियों की ज़ोर आजमाइश करनी होगी. और तो और इन साइकिल महारथियों के बीच एकमात्र महिला साइक्लिस्ट के. तृप्ति राव भी हैं. तृप्ति छत्तीसगढ़ के रायपुर की रहने वाली हैं और पेशे से वकील हैं.

ब्रेवेट यानि साइक्लिंग मैराथन
साइकिल महारथियों के बीच एकमात्र महिला साइक्लिस्ट के. तृप्ति राव.

ब्रेवेट के आयोजक आड्क्स इण्डिया से सम्बद्ध नोएडा रंडोनेयर्स के दीपेन्द्र सहजपाल ने बताया कि नोएडा से दिल्ली, हरियाणा पार करते हुए ये साइक्लिस्ट पठानकोट से जम्मू और फिर डलहौज़ी से जलंधर होते हुए ग्रेटर नोएडा लौटेंगे. तय समय में ब्रेवेट पूरी करने वाले फिनिशर्स को मेडल और लेस रंडोनेयर्स मोंडीआक्स (LRM – London) की तरफ से प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जायेगा.