भारतीय सेना और सैनिकों की जांबाज़ी – मुश्किलों की असली कहानियां

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इंडियाज़ ब्रेवहर्ट्स
लेफ्टिनेंट जनरल दुआ की किताब 'इंडियाज़ ब्रेवहर्ट्स' का विमोचन भारत के सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने किया.

भारतीय सेना और सैनिकों की अब तक कई अनसुनी कहानियों के साथ साथ जानकारियों को समेटे कोई किताब लांच होने के अगर 24 घंटे में बेस्ट सेलर (Best seller) की श्रेणी में शामिल हो जाये तो ज़ाहिर है इसमें ऐसा कुछ तो ख़ास होगा जो पाठकों और सेना में दिलचस्पी रखने वालों को अपनी तरह एकदम खींच रहा है. सबसे बड़ा इसका कारण है इसके लेखक सतीश दुआ जो भारतीय सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल हैं. घुमक्कड़ स्वभाव के मोटर साइकिल प्रेमी जनरल दुआ वही फौजी अधिकारी हैं जो रिटायर होने वाले दिन राजधानी दिल्ली में दफ्तर से उसी हरे रंग की इनफील्ड मोटर साइकिल पर घर लौटे थे जो उन्होंने शायद नई खरीदी थी और उस पर सवारी की उस दिन की उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी पसंद की गई थी.

इंडियाज़ ब्रेवहर्ट्स
लेफ्टिनेंट जनरल दुआ की किताब ‘इंडियाज़ ब्रेवहर्ट्स’.

भारतीय सेना की 15 कोर के कमांडर रहे लेफ्टिनेंट जनरल दुआ ने पाकिस्तान पर की गई चर्चित सर्जिकल स्ट्राइक में अहम भूमिका निभाई. किताब ‘इंडियाज़ ब्रेवहर्ट्स’ का विमोचन भारत के सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने किया और साथ ही उन्होंने किताब का ‘फ़ॉरवर्ड’ भी लिखा है जिस पर नज़र डालते ही, किताब को ऐसे हर शख्स को पढ़ने का मन करेगा जिसे सेना या सैनिकों में थोड़ी भी दिलचस्पी है.

इंडियाज़ ब्रेवहर्ट्स
रिटायर होने के बाद जनरल दुआ अपनी इसी मोटर साइकिल से अपने घर जाते हुए. (फाइल)

ये किताब मौत को मात देने वाले सेना के ऑपरेशंस की असली कहानियाँ बताती है तो सेना में सघन ट्रेनिंग के दौरान के हालात से भी रूबरू कराती है. इसमें ऐसा भी बहुत कुछ है जो दिल को दहला दे. भारतीय सेना के प्रवक्ता विभाग एडीजी पीआई ने इस किताब के बारे में ट्वीट किया है कि ये किताब सैनिकों और अधिकारियों के बीच ना टूटने वाले जीवन बंधन और निष्ठा के बारे में बताती है. ये किताब पाकिस्तान से सटे ‘लाइन ऑफ़ कंट्रोल’ (LoC) पर तैनात सैनिकों के जीवन के उन कठिन हालात के बारे में भी बताती है जिसका कोई आम इंसान तस्सवुर भी नहीं कर सकता.

इंडियाज़ ब्रेवहर्ट्स
घुमक्कड़ स्वभाव के मोटर साइकिल प्रेमी जनरल दुआ

किताब 9 दिसम्बर को लांच हुई और 10 दिसंबर को लेखक लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सतीश दुआ ने ट्वीट करके जानकारी दी कि देश में बिकने वाली मिलिटरी श्रेणी की किताबों में ये किताब टॉप 10 में बेस्ट सेलर रही. रिटायरमेंट के बाद सेना, सैनिकों और सुरक्षा मामलों पर मीडिया, सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर खासे सक्रिय जनरल दुआ की ये पहली किताब है और उन्होंने इसे भारतीय सैनिकों को समर्पित किया है. किताब की कीमत 239 रुपये है और ये अंग्रेज़ी में है.

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