संयुक्त राष्ट्र नहीं दे रहा शान्ति अभियानों का पैसा

253
संयुक्त राष्ट्र
फाइल फोटो

संयुक्त राष्ट्र दुनिया के अलग अलग देशों में शान्ति अभियानों में भेजे जाने वाले सुरक्षा और पुलिस बलों के जवानों और अधिकारियों पर होने वाले खर्च की लागत कई देशों को चुकता नहीं पा रहा. इनमें से ज्यादातर रकम एशियाई देशों को दी जानी है लेकिन संयुक्त राष्ट्र की माली हालत खराब है. हैरानी की बात है कि सबसे ज्यादा पैसा भारत को लेना है और ये रकम (38 मिलियन डॉलर) 380 लाख डॉलर है. इस मद में संयुक्त राष्ट्र की सब देशों की कुल मिलाकर देनदारी 265 मिलियन डॉलर है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी जनरल एंटनी गुटरस की तरफ से जारी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि ये पैसा 31 मार्च 2019 तक का है जो जून तक 588 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है.

भारत के बाद रवांडा ऐसा दूसरे नम्बर का देश है. उसे संयुक्त राष्ट्र के शान्ति अभियानों पर आई लागत के हिस्से का 31 मिलियन अमेरिकी डॉलर लेने हैं. वहीं पाकिस्तान को 28 मिलियन, बांग्लादेश को 25 मिलियन और नेपाल को 23 मिलियन डॉलर लेने है.

संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी जनरल एंटनी गुटरस ने इस अन्तरराष्ट्रीय संगठन की ऐसी माली हालत पर चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि शान्ति सेना भेजने वाले देश को इसका भुगतान उस देश पर निर्भर करता है जहां सुरक्षा बल भेजे जाते हैं और वो इसमें आई लागत का कितना हिस्सा वहन करने को तैयार होता है.

संयुक्त राष्ट्र बहुत ही प्रभावशाली तरीके से लगातार अलग अलग देशों से शान्ति सेना के लिए सुरक्षा और पुलिस दस्ते मंगाता आ रहा है और इनमें ज्यादातर कम आमदनी वाले देश हैं. हैरानी की बात ये है कि एक तरफ तो संयुक्त राष्ट्र उन देशों को पैसा नहीं दे पा रहा वहीं दूसरी तरफ इस बात का दबाव बना रहा है कि शान्ति अभियान पर जाने वाले सुरक्षा दस्ते बेहतर साजो सामान, हथियार वगैरह के साथ साथ नई ट्रेनिंग भी लिया करें.

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here