भावुक पल : जब एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने भारतीय नौसेना की कमान संभाली

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जब एडमिरल दिनेश त्रिपाठी को माँ का आशीर्वाद मिला.

यूं भारतीय संस्कृति और परम्परा में  यह कुछ नया नहीं है लेकिन भारतीय नौसेना के नए प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का अपने माँ के पैर छूना और उनकी मां का उनको गले लगाते पीठ थपथपाना काफी भावुक पलों की स्मृति दे गया. एडमिरल त्रिपाठी को उनकी माँ  रजनी त्रिपाठी का आशीर्वाद देने का यह वीडियो लोगों को इतना पसंद आया  कि सोशल मीडिया पर झट से वायरल भी हो गया .

यह वीडियो मंगलवार का है जब एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ( admiral dinesh kumar tripathi ) को 26वें नौसेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने से पहले अपनी मां के पैर छूते और आशीर्वाद लेते देखा गया.  संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ नौसेना प्रमुख ने नई  दिल्ली के साउथ ब्लॉक में एक समारोह में जब अपनी नई जिम्मेदारी संभाली तो उनकी मां रजनी त्रिपाठी उन्हें गले लगाते और उनकी पीठ थपथपाती नजर आईं.

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी को साउथ ब्लॉक में गार्ड ऑफ़ ऑनर

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि , हमारी नौसेना एक युद्ध के लिए तैयार, एकजुट, विश्वसनीय और भविष्य-प्रूफ बल के तौर पर पिछले कुछ साल में विकसित हुई है. समुद्री क्षेत्र में मौजूदा और उभरती चुनौतियों के लिए भारतीय नौसेना को संभावित विरोधियों को रोकने के लिए हर समय ऑपरेशन के लिए तैयार रहना चाहिए. उन्होंने कहा, ” समुद्र में शांति बनाए रखना  और ऐसा करने के लिए कहे जाने पर समुद्र से युद्ध जीतें यह मेरा एकमात्र ध्यान और प्रयास रहेगा.”

एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने एडमिरल आर हरि कुमार ( admiral r hari kumar )  के सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद उनसे कार्यभार संभाला. नई दिल्ली में रायसीना हिल्स स्थित साउथ ब्लॉक में एडमिरल दिनेश त्रिपाठी को गार्ड ऑफ़ ऑनर ( guard of honour ) दिया गया .वैसे उनकी नियुक्ति का  ऐलान सरकार ने  तकरीबन दो हफ्ते पहले ही कर दिया था. एडमिरल हरि कुमार नौसेना में चार दशकों के करियर के बाद भारत के नौसेना प्रमुख के पद सेवानिवृत्ति हुए.ना की कमान संभालने से पहले एडमिरल त्रिपाठी नौसेना स्टाफ के उप प्रमुख के रूप में कार्यरत थे.

एडमिरल आर हरि कुमार से नौ सेना का कार्यभार संभालने के बाद एडमिरल दिनेश त्रिपाठी

15 मई 1964 को पैदा हुए दिनेश कुमार त्रिपाठी रीवा के  सैनिक स्कूल के पूर्व छात्र हैं और  उन्होंने 1 जुलाई 1985 को भारतीय नौसेना की कार्यकारी शाखा में कमीशन हासिल किया था.

उन्होंने पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्य किया था और भारतीय नौसेना के जहाजों विनाश, किर्च और त्रिशूल की भी कमान संभाली थी. एडमिरल त्रिपाठी ने संयुक्त राज्य अमेरिका में डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज( वेलिंग्टन) , नेवल हायर कमांड कोर्स, करंजा और नेवल कमांड कॉलेज में भी पाठ्यक्रम पूरा किया है.

उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम AVSM ) और नौ सेना पदक (एनएम NM ) से सम्मानित किया गया है.