जम्मू कश्मीर पुलिस में पूरी वीडियो रिकार्डिंग के बीच 800 सब इन्स्पेक्टर भर्ती होंगे

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जम्मू कश्मीर पुलिस
प्रतीकात्मक फोटो

वैश्विक महामारी कोविड 19 की वजह से धीमी हुई, जम्मू कश्मीर पुलिस में सब इंस्पेक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया को, अब उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की मंजूरी से नई रफ्तार मिली है. जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल ने शुक्रवार को राज्य पुलिस में 800 उपनिरीक्षकों (एसआई) की भर्ती के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है. ये भर्ती भी ज्यादा पारदर्शिता के साथ होगी. इसके लिए कई स्टार पर प्रावधान किये जायेंगे.

जम्मू कश्मीर में अब तीनों महकमों पुलिस, जेल और फायर ब्रिगेड एवं आपात विभाग में गैर राजपत्रित ओहदों पर भर्ती सर्विस सलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) के जरिये होगी. भर्ती में पारदर्शिता और सही तौर तरीके अपनाये जाना सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया भी तय करने के साथ घोषित कर दी गई है. इसे सरकारी विभागों में भर्ती के ऐतिहासिक सुधार कार्यक्रम के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि ये प्रक्रिया लगभग वैसी ही है जो पहले से कई केंद्र शासित प्रदेश और राज्य अपने यहाँ अपना रहे हैं. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर के लिए तय की गई इस प्रक्रिया को भी मंज़ूरी दे दी है.

इस प्रक्रिया के मुताबिक पात्र अभ्यर्थियों का चयन लिखित और शारीरिक परीक्षा के आधार पर होगा. शारीरक क्षमताओं की जांच परख के लिए ‘क्या परीक्षण होंगे और कितने उम्मीदवारों के टेस्ट होंगे’ ये सब सर्विस सलेक्शन बोर्ड तय करेगा लेकिन सरकार के मशविरे के साथ. पारदर्शिता कायम रखने के लिए शारीरिक जांच (फिजिकल टेस्ट) की पूरी वीडियोग्राफी कराई जाएगी.

लम्बे समय से लटके संयुक्त भर्ती परीक्षा के जरिये जम्मू कश्मीर पुलिस में शामिल हुए अधिकारियों और सब इंस्पेक्टर के तौर पर भर्ती हुए अधिकारियों की तरक्की के मसले को प्रमुख वरिष्ठता सूची कायम रखकर हल किया जाएगा.

जम्मू कश्मीर पुलिस में 800 सब इन्स्पेक्टर भर्ती किये जाने सम्बन्धी प्रक्रिया का एलान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के दो दिन पहले दिए उस बयान के बाद हुआ है जिसमें कहा गया था कि राज्य के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए संघ शासित क्षेत्र प्रशासन सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी विभागों में 25000 रिक्तियों पर भर्ती की प्रक्रिया को तेज़ किया जा रहा है. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का कहना था 18000 रिक्तियों पर भर्ती के सम्बन्ध में सर्विस सलेक्शन बोर्ड विज्ञापन जारी कर चुका है. उन्होंने बताया कि ‘गाँव वापसी’ कार्यक्रम के अगले कदम के तहत 50 हज़ार युवाओं को आर्थिक सहायता देने की योजना है.