… और पूरा हुआ जम्मू कश्मीर की बेटी माव्या का फाइटर पायलट बनने का सपना

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माव्या सूदन
माव्या सूदन लड़ाकू विमान उड़ाने वाली जम्मू कश्मीर की पहली बेटी

23 साल की माव्या सूदन ने लड़ाकू विमान उड़ाने वाली जम्मू कश्मीर की पहली बेटी बनने का इतिहास रच डाला है. अब माव्या की गिनती भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमान उड़ाने वाली महिला पायलटों की फेहरिस्त में आ गया है. उनसे पहले ये काबिलियत हासिल करने वाली सिर्फ 11 महिला अधिकारी हैं. तेलंगाना की डंडिगल वायुसेना अकादमी में शनिवार को पासिंग आउट परेड में शामिल 161 कैडेट्स अधिकारियों में से एक माव्या थी. और इस परेड में माव्या इकलौती ऐसी फाइटर पायलट थी. भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने पासिंग आउट परेड की सलामी ली.

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भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने पासिंग आउट परेड की सलामी ली

जम्मू सम्भाग के पाकिस्तानी सीमा से सटे राजौरी ज़िले के लंबेड़ी की रहने वाली माव्या ने स्कूली शिक्षा जम्मू के कार्मल कान्वेंट स्कूल से पूरी की और उसके बाद चंडीगढ में डीएवी कॉलेज से राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन किया. बचपन से ही माव्या भारतीय वायु सेना में शामिल होकर लड़ाकू विमान उड़ाने का सपना पाले हुए थी. परिवार वाले कहते हैं कि माव्या ने अपना सपना ही पूरा नहीं किया बल्कि हम सबका और देश का भी नाम रोशन किया है. माव्या ने 2020 में वायुसेना की सामान्य प्रवेश परीक्षा पास की थी.

माव्या सूदन
माव्या सूदन लड़ाकू विमान उड़ाने वाली जम्मू कश्मीर की पहली बेटी

परिवार वाले बताते हैं कि जब भी देश की सीमा पर बेक़सूर लोगों के मारे जाने की खबरें आतीं तो माव्या विचलित हो जाया करती थी. उसका मन करता था कि क्यूँ न लड़ाकू विमान से बम बरसाकर दुश्मन को सबक सिखाया जाए. सेना और देश प्रेम के इस जज्बे के साथ पली माव्या की कामयाबी को लेकर न सिर्फ परिवार बल्कि माव्या के स्कूल कॉलेज के सहपाठी भी बेहद खुश हैं. वहीं माव्या उन लड़कियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बन गई हैं जो वर्दीधारी बल में अपना करियर बनाने का सपना पाले हुए हैं.

माव्या सूदन
उत्साह और जोश से भरे वायुसेना के नए अधिकारी.

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