आरोप है कि अमिताभ श्रीवास्तव वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए हुई खरीद प्रक्रिया के दौरान तकरीबन दो करोड़ रुपये की अनियमितताओं में शामिल थे. वैसे मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले की पूरी तरह से जांच के लिए एक संयुक्त जांच समिति बनाने का भी निर्देश दिया है.
दरअसल यह घोटाला तब सामने आया जब देहरादून में होमगार्ड के महानिदेशक कार्यालय ( director general of home guards) की तरफ से सरकार को भेजी गई एक आंतरिक रिपोर्ट में टेंडर प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता की भारी कमी और नियमों के खुले उल्लंघन पर प्रकाश डाला गया.
सूत्रों से पता चला है कि अधिकारियों ने कथित तौर पर ठेकेदारों के साथ मिलकर सामान की कीमत बढ़ा दी थी. शुरुआती जांच में पता चला कि एक करोड़ रुपये के सामान का बिल 3 करोड़ रुपये का बनाया गया था.
यूं पता चला घोटाला :
इस बड़े अंतर को सबसे पहले नए होम गार्ड के नए महानिदेशक पी.वी.के. प्रसाद ने उजागर किया, जब उन्होंने 2025-26 खरीद चक्र के लिए तय बाजार दरों और टेंडर कीमतों के बीच एक बड़ा अंतर देखा, जो पिछले साल की दरों के समान था. एक शुरुआती जांच टीम बनाने के बाद खुले बाजार से कोटेशन लिए गए. इससे पुष्टि हुई कि ज़रूरी सामान उनकी वास्तविक कीमत से करीब करीब तीन गुना ज़्यादा कीमत पर खरीदा जा रहा था.
इसके बाद महानिदेशक पी वी के प्रसाद ने नया टेंडर फ़ौरन रद्द करके एक रिपोर्ट सौंपी जिसमें आरोपी डिप्टी कमांडेंट के खिलाफ मामला दर्ज करने, 2 करोड़ रुपये की वसूली और उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश की गई.
इसके फलस्वरूप मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निलंबन आदेश के बाद कड़ी चेतावनी जारी की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति सख्त ज़ीरो-टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है.किसी भी स्तर पर कोई भी अनियमितता या भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए.
ऐसे दिखाए यूनिफ़ॉर्म के दाम :
रिपोर्ट में बताया गया है कि डिप्टी कमांडेंट अमिताभ श्रीवास्तव ने ठेकेदारों के साथ मिलकर बाजार मूल्य से कहीं ज़्यादा कीमतों पर खरीद का आयोजन किया था. कथित ओवरप्राइसिंग के कुछ खास उदाहरण हैं. एक लाठी, जिसकी कीमत 130 रुपये थी, उसका बिल कथित तौर पर 375 रुपये बनाया गया जबकि 500 रुपये के जूते 1500 रुपये की कीमत के दिखाए गए.वहीं , 1,200 रुपये की एक पैंट और शर्ट कथित तौर पर 3,000 रुपये में खरीदी गई जबकि 00 रुपये की जैकेट 1,580 रुपये में खरीदी गईं.













