पुलिस की परेशानी और शर्मिंदगी का कारण बना आईपीएस अफसर का मोबाइल फोन का झपटा जाना

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आईपीएस विवेक राज सिंह

भारत में इस कदर मोबाइल फोन की लूटपाट और चोरी की वारदात लगातार बढ़ रही हैं कि उन्हें जान सुनकर अब लोगों को हैरानी नहीं होती. पुलिस के लिए भी यह अपराध और इस अपराध को  करने वाले कोई नए नहीं हैं. बहुत  से लोग तो  मोबाइल चोरी होने या छिन  जाने की पुलिस में रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराते. पुलिस भी ऐसे मामलों को लेकर उतनी संजीदा रवैया नहीं अपनाती जितना आम लोगों को उससे  अपेक्षा होती है . लेकिन मोबाइल झपट कर अपराधियों के फरार हो जाने के इस मामले ने पुलिस की नींद ही उड़ा रखी.

सिर्फ परेशान ही नहीं , यह वारदात पुलिस  को शर्मसार करने वाली भी है क्योंकि मोबाइल किसी आम नागरिक से नहीं बल्कि पुलिस के एक बड़े अफसर से छीना गया है. यह हैं भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी  विवेक राज सिंह जो असम में बतौर पुलिस उपनिरीक्षक ( कानून व्यवस्था ) (dig vivek raj singh ) के ओहदे पर तैनात हैं . वारदात भी किसी दूरदराज़ या वीरान से नहीं बल्कि बेहद महत्वपूर्ण और सुरक्षा के नजरिये से संवेदनशील माने जाने वाले इलाके में हुई.

आईपीएस विवेक राज सिंह

ऐसे हुई वारदात :
घटना कल सुबह राजधानी गुवाहाटी की है. रविवार (23 जुलाई 2023) जोकि साधारण छुट्टी का दिन था. फिटनेस के मामले में कई लोगों की प्रेरणा बने लोकप्रिय आईपीएस विवेक राज सिंह सुबह की सैर ( morning walk ) पर निकले थे. वह सेन्ट्रल गुवाहाटी में पुलिस मुख्यालय के पास मजार रोड उलुबारी से गुज़र रहे थे. इस इलाके में कई बड़े अधिकारियों  के सरकारी आवास भी हैं . तभी  मोटर साइकिल सवार दो अपराधी उनके पास आकर  अचानक रुके और उनका मोबाइल फोन छीन कर फरार हो गए. इस मामले की रिपोर्ट गुवाहाटी के पलटन बाज़ार थाने में दर्ज हुई है . क्योंकि मामला बड़े पुलिस अफसर के साथ हुई वारदात का है इसलिए माना जा रहा है कि कानून के हाथ जल्द ही अपराधियों के गिरेबान तक पहुँच जाएंगे.

लोकप्रिय और शानदार आईपीएस  विवेक राज सिंह :
आईपीएस विवेकराज सिंह ( ips vivek raj singh ) एक लोक प्रिय पुलिस अधिकारी भी हैं और सोशल मीडिया पर उनकी खासी फैन फ़ॉलोइंग भी है . एक जिंदादिल व्यक्तित्व के धनी आईपीएस विवेकराज सिंह ने अपने इन्स्टाग्राम एकाउंट में अपना परिचय देते हुए ज़िक्र किया है कि वह पेशे से पुलिसकर्मी , शिक्षा से इंजीनियर और जुनून से फोटोग्राफर हैं . पुलिस और सार्वजनिक जीवन की ढेरों गतिविधियां तो वो शेयर करते ही हैं काफी प्रेरक सामग्री भी सोशल मीडिया पर साझा करते हैं

भारत में मोबाइल चोरी और लूट :
भारत में बीते कुछ साल में जैसे जैसे मोबाइल फोन का चलन बढ़ा है वैसे वैसे इससे जुड़े अपराधों की तादाद भी बड़ी है . जेबतराशों के लिए लोगों की जेबों से पैसे या पर्स निकालने से ज्यादा आसान यह काम हो गया है. बेशक जोखिम इसमें भी है लेकिन तुरंत पकडे जाने के मौके कम ही होते हैं .

फाइल फोटो

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ( ncrb ) के  2021 के  आंकड़ों के मुताबिक़ इस साल में मोबाइल फोन छीने जाने या चोरी होने 2 लाख 89 हज़ार 984  मामले दर्ज हुए जोकि इससे पहले साल में दर्ज हुए मामलों का 10 प्रतिशत अधिक है. दिलचस्प है कि यह स्थिति तब है जबकि बहुत से मामलों में लोग खुद ही एफ आई आर दर्ज नहीं कराते खासतौर से जब फोन ज्यादा मूल्य का न हो. साधारण तौर पर ऐसे मामलों में पुलिस  भी , क्राइम ग्राफ बढ़ने से बचने के लिए , केस दर्ज करने में दिलचस्पी नहीं दिखाती. एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक़ भारत में सबसे मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश में लुटे , चीने या चोरी किये जाते हैं. यहां पर 2021के रिकॉर्ड के मुताबिक़ 53 हज़ार 205 मामले सामने आए. दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र ( 38 हज़ार 342 ) और तीसरे नम्बर पर देश की राजधानी दिल्ली ( 29 हज़ार 342 ) पर है .

शाम को ज्यादा सक्रिय होते हैं यह अपराधी :
इस अपराध का रुझान बताता है कि मोबाइल चोरी या झपटे जाने की वारदात ज्यादातर ( 80 % )  शहरी इलाकों में ही होती है और सबसे ज्यादा मोबाइल फोन शाम के समय में छीने जाते हैं . यह वो समय होता है जब सूरज ढल जाता है. अँधेरा हो जाता है . ज़्यादातर ओग काम धंधों से लौट रहे होते हैं यानि रास्तों पर होते हैं. एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक़ 40% से ज्यादा केस उसी दौरान हुए पाए गए. यही नहीं 50 फीसदी से ज्यादा केस ऐसे सामने आते हैं जब मोबाइल फोन सीधे किसी व्यक्ति के हाथ से छीना जाता है . 23 % जेब में से निकालने के और 13 प्रतिशत बैग में से मोबाइल चोरी करने के केस देखे गए .