अपनी ही पुलिस ने पूर्व वरिष्ठ आईपीएस अमिताभ ठाकुर को नज़रबंद किया

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अमिताभ ठाकुर
अमिताभ ठाकुर

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस -IPS) से जबरन रिटायर किये गए उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी अमिताभ ठाकुर को लखनऊ स्थित उनके घर में नजरबंद कर दिया गया है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को पुलिस ने शनिवार को तब रोका था जब वे गोमतीनगर से गोरखपुर के लिए रवाना हुए थे. वे आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी तैयारी के सिलसिले में जन सम्पर्क अभियान पर निकले थे.

उधर लखनऊ में गोमती नगर की सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी – ACP ) श्वेता श्रीवास्तव ने स्थानीय मीडिया को बताया कि दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्मदाह करने वाली दुष्कर्म पीड़िता और उसके साथी ने आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाए थे. आरोप था कि श्री ठाकुर इस केस में आरोपी, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद अतुल राय की मदद कर रहे हैं. बलात्कार पीड़िता और आरोपी सांसद अतुल राय गोरखपुर के नजदीक के ही रहने वाले हैं, अमिताभ ठाकुर अपने जनसम्पर्क अभियान में गोरखपुर की तरफ ही जा रहे थे. एसीपी श्वेता श्रीवास्तव का कहना था कि श्री ठाकुर को जाने से रोका गया है उन्हे गिरफ्तार नहीं किया गया है.

अमिताभ ठाकुर
अमिताभ ठाकुर

53 वर्षीय पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी सोशल मीडिया के ज़रिये साझा की है. रविवार की सुबह के ताज़ा घटनाक्रम में उन्होंने बताया कि उनको सुबह की सैर करने से भी रोक दिया गया.

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के ट्वीट्स के ज़रिये जो मतलब निकलता है वो ये कि उनको और उनके परिवार को राजनीतिक कारणों से लगातार परेशान किया जा रहा है. उनके मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनसे डर लगने लगा है क्योंकि वह गोरखपुर में उनके खिलाफ चुनाव मैदान में उतर रहे हैं.

शनिवार का घटनाक्रम :

असल में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कुछ दिन पहले ही ऐलान किया था कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ समर में उतरेंगे. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए शनिवार को चुनावी जनसंपर्क के लिए गोरखपुर जाने की जानकारी दी थी. शनिवार सुबह अमिताभ ठाकुर अपने घर से निकलकर पास की रेल विहार कॉलोनी में अपने एक मित्र के घर गए थे. तभी वहां पुलिस टीम लेकर पहुंचीं एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव ने उनको वहीं रोक लिया. उनसे कहा गया कि आप गोरखपुर न जाएं.

अमिताभ ठाकुर
अमिताभ ठाकुर

रेल विहार कॉलोनी के उस मकान के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई. जहां से कुछ देर बाद अमिताभ ठाकुर को उनके घर भेज दिया गया था. इसके बाद से ही अमिताभ ठाकुर के घर के बाहर और आसपास पुलिस तैनात है.

अमिताभ ठाकुर :

भारतीय पुलिस सेवा के 1992 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी अमिताभ ठाकुर एक ईमानदार अधिकारी वाली छवि रखते और अपने बागी स्वभाव की वजह से अक्सर विवाद में फंस जाते हैं. उनकी पत्नी नूतन ठाकुर एक्टिविस्ट और वकील हैं.

आईपीएस (IPS) बनने के बाद अमिताभ ठाकुर उत्तर प्रदेश के कई जिलों बस्ती, देवरिया, बलिया, महाराजगंज, गोंडा, ललितपुर आदि में पुलिस कप्तान रहे. आईपीएस अमिताभ ठाकुर पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG – डी आई जी) और फिर महानिरीक्षक (IG आईजी) भी रहे. वह नेशनल आरटीआई फोरम के संस्थापक भी हैं.

अनिवार्य सेवानिवृत्ति :

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने 23 मार्च को आदेश करके 1992 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अमिताभ ठाकुर को ‘जनहित’ में रिटायर कर दिया था. वैसे उनकी रिटायरमेंट 2028 तक थी लेकिन सरकार ने उनको आगे की सेवा के लायक नहीं माना.