दिल्ली में यातायात पुलिसकर्मी प्रवीण की चौकसी ने यूँ बचाई नवजात बच्ची की जान

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दिल्ली
पुलिसकर्मी प्रवीण की गोद में लावारिस नवजात.

भारत की राजधानी दिल्ली हाल के कुछ और दिनों की तरह बुधवार को भी प्रदूषण के कणों के वजह से धुंधली थी. और इसी धुंधलके के बीच न जाने कौन इस नवजात बच्ची को ऐसे हालात में सड़क किनारे लावारिस छोड़ गया जहां उसकी जान पर हर पल खतरा मंडरा रहा था. लेकिन कहा जाता है न कि जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा होता है… ये बात एक बार साबित हो गई इस आपाधापी से भरी दिल्ली में, जहां बंद मकान में पड़ोसी के प्राण निकल जाने का पता भी कुछ दिन बाद तब चलता है जब शव के सड़ने से बदबू आने लगती है. लेकिन रामकृष्ण पुरम इलाके में तैनात सड़क के प्रहरियों की चौकस निगाहें, इस नवजात के लिए ईश्वर का आशीष बन गईं.

दिल्ली
पुलिसकर्मी प्रवीण ने नवजात को हास्पिटल में भर्ती कराया.

ये प्रहरी कोई और नहीं दिल्ली यातायात पुलिस में तैनात जवानों की एक टीम थी. यातायात पुलिस की ये टीम नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान काटने और ट्रैफिक बन्दोबस्त दुरुस्त रखने के काम में लगी थी. तभी उनमें से एक पुलिसकर्मी प्रवीण सिंह की निगाह इस बच्ची पर पड़ी जिसे कोई सड़क किनारे फुटपाथ के पास झाड़ियों में चुपचाप छोड़ कर गायब हो गया था. प्रवीण ने तुरंत ऐहतियात से बच्ची को गोद में उठाया और अपने वरिष्ठ अधिकारी को सूचित किया जो आसपास ही थे.

फ़ौरन मौके पर पहुंचे यातायात पुलिस के इंस्पेक्टर ने पुलिस कंट्रोल रूम से मदद माँगी और लावारिस बच्ची को नज़दीकी अस्पताल में पहुंचा दिया. इस तरह बच्ची की जान बच गई. डाक्टरों का कहना था कि थोडा ज्यादा समय हो जाता तो बच्ची के लिए हालात खतरनाक हो सकते थे.

यातायात पुलिस की इस टीम की सब लोग जमके तारीफ़ कर रहे हैं और इस घटना से जुडी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस के ऐसे ही एक कर्मी ने rakshaknews.in के साथ उपरोक्त तस्वीरें और जानकारी साझा की. पुलिस की इस ममता और मानवता की भावना से भरपूर घटना हम तक पहुँचाने के लिये रक्षक टीम की तरफ से धन्यवाद.

लावारिस बच्ची को मिले इस जीवनदान से सम्बन्धित ये समाचार आपको पसंद आया हो तो औरों के साथ ज़रूर शेयर करें.