अंकिता भंडारी के मां बाप को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में रखा, फिर रिहा किया

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अंकिता भंडारी
अंकिता भंडारी
दिल्ली पुलिस ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को गुरुवार सुबह चार बजे उस समय हिरासत में ले लिया जब वे  इंडिया गेट पर धरने  पर बैठे थे. उन्हें, दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर ऐतराज है, उनका कहना है कि अंकिता की हत्या के केस की जांच में किसी ‘वीआईपी’ का जिक्र आया है और जब तक उस पहलू से जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक श्री गौतम की राज्यपाल के पद पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए.  दुष्यंत गौतम के 19 अक्टूबर को राज्यपाल के पद की शपथ लिए जाने का कार्यक्रम है .

वर्तमान में  केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ( central bureau of investigation) यानि सीबीआई अंकिता भंडारी हत्याकांड की पुन: जांच कर रही है . चार साल पुराना कत्ल  का यह मामला  उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के ऋषिकेश का है.  पहले इस  मामले की पड़ताल  खासतौर से  गठित पुलिस के विशेष जांच दल ( एसआईटी) ने  की थी. बीते साल अदालत ने इस केस में ,  भारतीय जनता पार्टी के नेता रहे विनोद आर्य के पुत्र,  पुलकित आर्य समेत तीन लोगों को  दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सज़ा भी सुना दी थी. लेकिन अंकिता भंडारी केस में ‘ वीआईपी ‘ एंगल सामने आने से नया विवाद खड़ा हुआ तो अंकिता के परिवार और स्थानीय लोगों ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में केस की फिर से जांच कराने के मांग की. ‘ जस्टिस फॉर अंकिता ‘ एक मुहिम बनी.  दबाव में आई  उत्तराखंड सरकार को  जनवरी 2026 में  इस केस की सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश करनी पड़ी.

धरने पर बैठे अंकिता के माता पिता
धरने पर बैठे अंकिता के माता पिता

अब जब दुष्यंत कुमार को राज्यपाल  के पद पर नियुक्ति का ऐलान हुआ तब अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की है कि जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति को रोक कर रखा जाए. परिवार का आरोप है कि जिन कारणों से हत्या के हालात  बने उनका संबंध किसी अज्ञात वीआईपी से है . उन्होंने दुष्यंत कुमार गौतम  पर आरोप लगाए हैं जबकि दुष्यंत कुमार गौतम ने इन आरोपों  से अपना संबंध होने से न स्पष्ट  इनकार किया है. उन्होंने तो बल्कि आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि का केस चलाने की प्रक्रिया भी शुरू की है .
राज्यपाल के पद पर आसीन व्यक्ति को उन्मुक्तियां  (immunities) 

 मिली हुई हैं . उस व्यक्ति के खिलाफ राज्यपाल के पद पर बने  रहने के दौरान  कोई आपराधिक मुकदमा नहीं चल सकता और न ही गिरफ्तार किया जा सकता है और न ही सज़ा दी जा सकती है . कांग्रेस का आरोप है कि दुष्यंत कुमार गौतम को उन्मुक्तियों का कवच देने के लिए राज्यपाल बनाया गया है .

दरअसल वनंतारा रेसॉर्ट ( vanantara resort ) में एक प्रेसीडेंशियल सुइट था जो ‘ वीआईपी’ गेस्ट के लिए था. लोगों के बीच ऐसी खबर फैली  थी  कि हत्या वाले दिन वहां कोई ‘वीआईपी ‘ आने वाला था या आया हुआ था जिसको अपनी ‘ विशेष सेवा ‘ देने के लिए पुलकित ने  निकिता पर दबाव डाला था. इनकार करने पर निकिता की हत्या कर दी गई. तीनो ने उसे गंगा की चीला नहर में फेंक डाला था. पुलकित पर निकिता पर यौन सम्बन्ध बनाने के लिए दबाव डालने, हत्या करने और अपराध के सबूत नष्ट करने का दोष सिद्ध हुआ जबकि अन्य दोनों पर हत्या करने व सबूत मिटाने का कसूर साबित हुआ .

खुद को बीजेपी के पूर्व  विधायक सुरेश कुमार राठौर की दूसरी पत्नी होने का दावा करने वाली अभिनेत्री  उर्मिला सनावर ( urmila sanawar) ने इस बात का खुलासा किया . उनका कहना है कि किसी और संदर्भ में उनके पति सुरेश राठौर ( suresh rathore ) ने रेकॉर्डिंग किए जाते यह बात कही थी कि उस दिन वनंतारा में  जाने वाला वीआईपी ‘ गट्टू ‘ था. इस नाम को दुष्यंत कुमार गौतम के नाम से जोड़कर देखा जा रहा था. उर्मिला ने लल्लन टॉप को दिए इंटरव्यू में दावा  किया कि उसने रिकार्डिंग का कुछ हिस्सा बीजेपी के बड़े नेताओं को भी भेजा गया  था. उर्मिला का कहना है कि सुरेश राठौर ने चार साल पहले उनसे नेपाल में विवाह किया था. क्योंकि उत्तराखंड में यूसीसी ( ucc in uttarakhand)  लागू कर दिया गया और इसमें बहू विवाह प्रथा निषेध है यानि एक पत्नी के रहते हुए यानि  उसे तलाक दिए बिना  कोई व्यक्ति दूसरा विवाह नहीं कर सकता लेकिन जब राठौर ने ऐसा किया तो उनको  बीजेपी से निकाल दिया गया .

ताज़ा घटनाक्रम :  
2022 के  अंकिता हत्याकांड में ताज़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब अंकिता का परिवार बुधवार को  इंडिया गेट  पर धरने पर आ बैठा. शाम को , लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस परिवार से मिलने पहुंचे. रात भर बैठे रहे इस परिवार को दिल्ली पुलिस ने तडके 4 बजे हिरासत में ले लिया और उनको चेतावनी देने के बाद रिहा किया.

अंकिता हत्याकांड क्या है :
उन्नीस वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के गंगा -भोगपुर स्थित वनंतरा रेसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी. 18 सितम्बर 2022 को  वह अचानक लापता हो गई.  24 सितम्बर को अंकिता का शव चीला नहर बैराज से बरामद हुआ . पुलिस ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के नेता रहे विनोद आर्य के पुत्र पुलकित आर्य और वहां मैनेजर के तौर पर काम करने वाले सौरभ भास्कर  व सहायक मैनेजर अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया . कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय  ने 30 मई 2025 को  तीनों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी.

माता पिता बोले : 

अंकिता भंडारी की मां ने भूख हड़ताल की चेतावनी दी:
एक न्यूज़ एजेंसी के वीडियो में पुलिस अंकिता भंडारी की मां को हिरासत में लेती हुई दिखी. हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन उन्हें विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं देता है, तो वे अपने घर पर ही भूख हड़ताल शुरू कर देंगी.

उन्होंने कहा, “हम साफ कर देना चाहते हैं कि जब तक उनकी (दुष्यंत गौतम) नियुक्ति रद्द नहीं हो जाती, हम पीछे नहीं हटेंगे… अगर हमें यहां बैठने की इजाजत नहीं दी गई, तो हम अपने घरों में ही भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।”

उनके पिता ने कहा, “हम सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हैं: दुष्यंत कुमार की सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर नियुक्ति रद्द की जानी चाहिए. अगर इसे रद्द नहीं किया गया, तो पूरे देश की जनता सड़कों पर उतर आएगी और इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी.”