दिल्ली में जनरल गश्त में शामिल हुए DCP समेत 500 पुलिसकर्मी

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दिल्ली पुलिस जनरल गश्त
जनरल गश्त के दौरान शनिवार को पूर्वी दिल्ली रेंज के सन्युक्त आयुक्त रविन्द्र यादव ने न सिर्फ निर्देश दिये अपितु प्रेरित भी किया.

शनिवार की रात दिल्ली के यमुनापार इलाके पुलिस की अप्रत्याशित तौर पर मौजूदगी हैरान कर देने वाली थी. जगह जगह पुलिस नाका, वाहनों की चेकिंग और थानों/पुलिस चौंकियों के इर्द-गिर्द खाकी वर्दीधारियों की आवाजाही में इजाफा उन लोगों के लिए अजीब नजारा था जो वहां रहते हैं या वहां से अक्सर रात को गुजरते हैं. और तो और गाड़ियों के अलावा पुलिस की टुकड़ियां सड़क पर पैदल मार्च कर रही थीं और उनमें सिपाही से लेकर SHO और ACP जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी थे. असल में ये पुलिस की ‘जनरल गश्त’ थी.

  • पुलिस इतिहास के मुताबिक़ बरसों पहले जनरल गश्त का सिस्टम शुरू हुआ था. आमतौर पर परम्परा के मुताबिक़ पुलिस कमिश्नर भी गश्त में शामिल होते थे और वो भी सडकों पर पैदल मार्च करते थे. लेकिन ये घनी आबादी वाले इलाकों में किया जाता था जहां रास्ते संकरे होते थे या वाहनों की आवाजाही नहीं हुआ करती थी. कालान्तर में इस कवायद में बदलाव भी आता रहा.

आमतौर पर कुछ ख़ास मौकों पर शहरी इलाकों में ऐसी गश्त की जाती है जिसका मकसद वहाँ के बाशिंदों को पुलिस व्यवस्था में उनके भरोसे को मजबूत करना और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों में कानून का भय पैदा करना होता है. लेकिन इसके पीछे एक बड़ा उद्देश्य पुलिस का अपना सिस्टम चेक करना भी रहता है. शनिवार रात पूर्वी दिल्ली रेंज के ज्वाइंट कमिश्नर रविन्द्र यादव के नेतृत्व में ये गश्त आयोजित की गई जिसमें शाहदरा जिले में करीब 500 पुलिसकर्मियों के अलावा 168 लोगों (होमगार्ड्स/पुलिस मित्रों/सिविल डिफेन्स/प्रहरियों) ने हिस्सा लिया. इनके साथ ही जिले की पुलिस प्रमुख DCP नुपुर प्रसाद और एडिशनल DCP’s भी थे. इस कवायद के दौरान स्थानीय पुलिस के 50 नाके तो बनाये ही गये, साथ ही पुलिस नियन्त्रण कक्ष के वाहनों से तालमेल बिठाते हुए 10 विशेष पिकेट और तैनात की गई थीं.

रात 10 बजे से चार घंटे तक चली इस कवायद के दौरान नतीजे भी अच्छे मिले. 9 वांछित अपराधी पकड़े गये और 47 आपराधिक तत्वों के खिलाफ गिरफ्तारी/निषेधात्मक कार्रवाई की गई. इसके अलावा बुरे चरित्र (BC ) वाले ऐसे 3 लोगों का पता लगाया गया जो थाने में हाजिरी नहीं लगा रहे थे. जनरल गश्त के दौरान तडके दो बजे तक 2246 वाहन चेक किये गये जिनमें से 5 चोरीशुदा निकले और 117 वाहन धारा 66 (दिल्ली पुलिस एक्ट ) जब्त किये गये. इनके साथ ही मोटर वाहन अधिनियम के तहत 135 चालन भी किये गये.

वहीं पूर्वी दिल्ली में भी DCP पंकज कुमार सिंह ने पुलिस कर्मियों के साथ पैदल मार्च किया. इस दौरान 275 वाहन जब्त किये गये, 100 से ज्यादा के चालान किये गये और 500 से ज्यादा लोगों को चेक किया गया या हिरासत में लिया गया.