भारतीय वायु सेना और मिस्र की वायुसेना का साझा सामरिक नेतृत्व कार्यक्रम

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भारतीय वायु सेना
मिस्र के वायु सेना शस्त्र स्कूल में सामरिक नेतृत्व के महत्व के कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे वायु सेना के सुखोई 30 Mk1 विमान को UAE के MRTT विमान ने इन फ्लाइट रिफ्यूलिंग सुविधा मुहैया कराई।

भारतीय वायु सेना मिस्र के वायु सेना शस्त्र स्कूल में शुरू हो रहे सामरिक नेतृत्व के महत्व के कार्यक्रम में हिस्सा ले रही है. ये कार्यक्रम काहिरा के पश्चिम एयरबेस में 24 जून से लेकर 24 जुलाई 2022 तक चलेगा.

एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक़ मिस्र के वायु सेना वेपन स्कूल में सामरिक नेतृत्व कार्यक्रम में भारत के तीन सुखोई-30 एमकेआई विमान, दो सी-17 विमान और भारतीय वायु सेना के 57 कार्मिक (सी-17 टुकड़ी सहित) हिस्सा लेंगे. यह पहल विभिन्न संघर्ष परिदृश्यों को देखते हुए एक बड़े वायु सैन्य बल के माध्यम से युद्ध के माहौल में युद्धक विमानों के साथ अभ्यास का एक अनूठा कार्यक्रम है. इस अभ्यास का मकसद दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ाना और सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों का आदान-प्रदान करना है.

भारतीय वायु सेना की विज्ञप्ति में कहा गया है कि वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में यह अभ्यास भारतीय वायुसेना की पहुंच तथा इसकी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है. यह एचएएल द्वारा भारत में निर्मित सुखोई-30 एमकेआई और लड़ाकू विमान के कलपुर्जों तथा यांत्रिक घटकों के गहन स्वदेशीकरण के लिए हमारे देश की विशेषज्ञता को दर्शाने का अवसर भी प्रदान करेगा.