लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन बिहार के राज्यपाल नियुक्त किए गए

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लेफ्टिनेंट जनरल ( सेवानिवृत्त ) सैयद अता हसनैन ( फाइल फोटो )
लेफ्टिनेंट जनरल ( सेवानिवृत्त ) सैयद अता हसनैन ( फाइल फोटो )
भारतीय सेना के सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को  बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया है . जनरल हसनैन एक अलंकृत पूर्व सैन्य अधिकारी होने के साथ साथ शानदार लेखक और वक्ता भी हैं . राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  की तरफ से गुरुवार (5 मार्च , 2026) को की गई विभिन्न राज्यपालों की नियुक्तियों और बदलाव में से उनकी नियुक्ति को इसलिए भी महत्वपूर्ण  माना जा रहा है क्यूंकि यह ऐसे समय  पर की गई है जब  बिहार में  मुख्यमंत्री के पद से नीतीश कुमार का इस्तीफा देने से नई सियासी हलचल शुरू हो गई है . सैयद अता हसनैन  आरिफ मोहम्मद खान की जगह लेंगे जिन्होंने  2 जनवरी, 2025 को बिहार के राज्यपाल  के तौर पर शपथ ली थी.

जनरल हसनैन ने श्रीनगर स्थित मुख्यालय वाली 15 कोर  ( 15 corps ) की कमान संभाली थी जिसे चिनार कोर ( chinar corps ) भी कहा जाता है . यह कोर  कश्मीर घाटी में ऑपरेशन के लिए ज़िम्मेदार सेना की  सबसे ज़रूरी फॉर्मेशन में से एक है. उन्होंने भारतीय थल सेना की एक बड़ी  स्ट्राइक फॉर्मेशन, 21 कोर ( 21 corps ) का भी नेतृत्व किया था. सेवानिवृत्ति  से पहले उनकी आखिरी पोस्टिंग भारतीय सेना के सैन्य सचिव  के तौर पर थी, जो फोर्स के अंदर वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियों और प्रशासनिक काम की देखरेख के लिए ज़िम्मेदार एक अहम ओहदा है.

सेना से सेवानिवृत्ति के बाद :
जनरल हसनैन सेना में 40 साल की सक्रिय सेवा के बाद रिटायर ज़रूर हुए लेकिन सार्वजनिक  जीवन में उनकी सक्रियता खूब रही .  विभिन्न समाचार पत्रों और बेव पोर्टल पर उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं . उनको कश्मीर यूनिवर्सिटी के वाइस  चांसलर भी नियुक्त किया गया था. यह एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है . हसनैन विभिन्न संस्थानों से भी जुड़े रहे हैं .

शुरुआती जीवन :
एक सैनिक परिवार में पैदा हुए सैयद अता हसनैन ने नैनीताल के शेरवुड कॉलेज से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की . इसके बाद उन्होंने में दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज और फिर किंग्स कॉलेज, यूनिवर्सिटी ऑफ़ लंदन में दाखिला लिया. उन्होंने रॉयल कॉलेज ऑफ़ डिफेंस स्टडीज़, किंग्स कॉलेज लंदन और एशिया पैसिफिक सेंटर फॉर सिक्योरिटी स्टडीज़, हवाई में भी पढ़ाई की.

सैन्य जीवन : 

सैयद अता हसनैन को भारतीय सैन्य अकादमी ( indian military academy ) से ग्रेजुएशन के बाद 1974 में गढ़वाल राइफल्स की चौथी  बटालियन में कमीशन मिला था. तकरीबन  चार दशकों की सेवा  में, उन्होंने कई अहम कमांड और स्टाफ नियुक्तियां संभाली जिनमें से कई जम्मू और कश्मीर में थीं.

उन्होंने श्रीलंका से लेकर सियाचिन ग्लेशियर तक, पूर्वोत्तर  से लेकर जम्मू और कश्मीर ( jammu and kashmir) तक, और मोज़ाम्बिक से लेकर रवांडा तक संयुक्त राष्ट्र  ऑपरेशन्स में कई महत्वपूर्ण भूमिकाओं में काम किए .