गुजरात में रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण के लिए काम करने का माकूल माहौल

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गुजरात में शिप बनाने का काम हो रहा है.

भारत के रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नायक का मानना है कि समुद्र तटीय राज्य गुजरात रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्र के लिए अग्रिम और पिछली दोनों आपूर्ति श्रृंखलाओ की कड़ी के तौर पर काम कर सकता है. श्रीपद नाइक ने इससे सम्बन्धित तमाम संभावनाओं का भी ज़िक्र, वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण के क्षेत्र ‘डिफेंस कॉन्क्लेव 2020, गुजरात’ पर दो दिवसीय डिजिटल सम्मेलन को संबोधित करते हुए किया. ‘कॉन्क्लेव’ का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई CII ) गुजरात और सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम SIDM) मिलकर कर रहे हैं.

‘डिफेंस कॉन्क्लेव 2020, गुजरात’

गुजरात के विकास संचालकों में इसके 1,600 किलोमीटर की विशाल तट रेखा से बेहतर तरीके से जुड़े बंदरगाह सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, रक्षा क्षेत्र को संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला देने वाली अभियांत्रिकी कंपनियां और प्रबंधन में अग्रणी शैक्षिक संस्थान भी हैं. इसके अलावा अभियांत्रिकी, डिजाइन, अनुसंधान एवं ऱक्षा आयोजना, बुनियादी ढांचे की योजना और विश्वस्तरीय पोत निर्माण और मरम्मत की सुविधा भी यहाँ हैं.

रक्षा राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने कहा कि उभरते अवसरों को पूँजीगत अवसरों में बदलने और गुजरात में रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए, यहाँ की राज्य सरकार ने ‘रक्षा और एयरोस्पेस नीति’ बनाई है और इसके तहत रक्षा विनिर्माण क्षेत्रों की पहचान की गई है. उनका कहना है कि गुजरात उत्कृष्ट बुनियादी सुविधाओं से लैस राज्य के शक्ल में उभरा है.

गुजरात में L&T की रक्षा उत्पादन इकाई

बैठक के ज़रिये स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के विनिर्माण और उत्पादन के लिए वैश्विक स्तर पर मौजूद प्रौद्योगिकी के समीक्षा विकल्पों, क्षेत्रीय विश्लेषणों, महत्वपूर्ण रक्षा ऑफ सेट नीतियों के बारे में जानकारी और सलाहों एवं विचारों के आदान-प्रदान के लिए उच्च स्तरीय सरकारी प्रतिनिधियों, प्रमुख उद्योगों और शिक्षाविदों को एक मंच पर लाया जाएगा. इस कॉन्क्लेव का मकसद रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ परिकल्पना को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाना है.

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