भारत-चीन के सैनिकों का ‘हाथ में हाथ’ 10 दिसम्बर से शुरू

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भारत-चीन
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत और इसके पड़ोसी देश चीन के सैनिक एक दूसरे को आतंकवाद से निपटने के तौर तरीके सिखाने के साथ साथ मिलकर आतंकवाद निरोधक कार्रवाई करने का अभ्यास भी करेंगे. अगले महीने की 10 तारीख से शुरू होने वाले, भारत-चीन सेना के इस संयुक्त अभ्यास में दोनों सेनाओं के 100 -100 सैनिक हिस्सा लेंगे. साल भर पहले डोकलाम विवाद के बाद भारत और चीन के बीच होने वाला ये पहला संयुक्त अभ्यास है.

हैण्ड इन हैण्ड यानि हाथों में हाथ के विचार के साथ दोनों मुल्कों के बीच होने वाला ये सातवां संयुक्त सैन्य अभ्यास है जो 10 दिसम्बर से 23 दिसम्बर तक चलेगा. इसका ऐलान चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल रेन गुओकिंग ने बीजिंग में प्रेस कान्फ्रेंस में किया. उन्होंने बताया कि दक्षिण पश्चिम चीन के चेंग्दू शहर में होने वाले इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का मकसद दोनों सेनाओं के आतंकवाद से लड़ने की क्षमता में बढ़ोतरी करने की समझ पैदा करना है और इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है. कर्नल रेन ने कहा कि हमें विश्वास है कि जैसाकि इस अभ्यास का नाम है, ‘हैण्ड इन हैण्ड’ , वैसा ही दोनों सेनाएं मिलकर काम करेंगी.

उल्लेखनीय है कि पिछले साल 73 दिन तक सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में भारत और चीन की सेना के बीच हुए टकराव के कारण ये अभ्यास नहीं हो सका था. अप्रैल में शिखर वार्ता के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की अनौपचारिक बातचीत के बाद दोनों देशों की सेना ने बेहतर तालमेल की कोशिश शुरू की थी.

दूसरी तरफ चीन पाकिस्तान के साथ भी सातवां वायुसैनिक अभ्यास कर रहा है. पाकिस्तान के भोलारी एयरबेस पर आज से शुरू ये अभ्यास 23 दिसम्बर तक चलेगा. कर्नल रेन ने बताया कि इस अभ्यास में वह फाइटर जेट और बमवर्षक भेज रहा है. इस अभ्यास में उसके AWACS विमान भी हिस्सा लेंगे.

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