सेना, अर्द्ध सैन्य बलों और पुलिस संगठनों के 21 शहीद जवानों के परिवारों का सम्मान

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शहीदों के परिवार का सम्मान
प्रतीकात्मक फोटो

राजधानी दिल्ली में हर साल करगिल दिवस पर सेना, अर्धसैन्य बलों और विभिन्न पुलिस संगठनों के शहीद जवानों के परिवारों को सम्मानित करने वाली संस्था श्री गीता जयंती समारोह समिति इस बार अलग अंदाज़ से, वैसे ही कार्यक्रम का आयोजन कर रही है. ‘एक शाम शहीदों के नाम’ शीर्षक से ये कार्यक्रम हर साल करगिल विजय दिवस पर किया जाता है लेकिन इस बार ऐसे दिन पर किया जा रहा है जो भारत के अंग्रेजी हुकूमत से छुटकारा पाने के लिए छेड़े गये आन्दोलन के इतिहास में सबसे अहम दिनों में से एक के तौर पर दर्ज है. ये तारीख थी 9 अगस्त और साल था 1942. भारत इसे अगस्त क्रांति दिवस के रूप में मनाता है क्यूंकि इस दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा बुलंद किया था और इससे क्विट इण्डिया मूवमेंट (Quit India Movement) की शुरुआत हुई थी.

Quit India Movement
Quit India Movement (File Photo)

श्री गीता जयन्ती समारोह समिति ने दिन में तब्दीली के अलावा इसके स्वरूप में भी बदलाव किया गया है. समिति के अध्यक्ष राजकुमार भाटी ने बताया कि इस बार सेना के शहीद जवानों और अधिकारियों के परिवारों के अलावा अर्द्ध सैन्य बलों, केन्द्रीय पुलिस संगठनों और राज्यों की पुलिस के भी उन जवानों और अधिकारियों के परिवारों को भी सम्मानित किया जा रहा है जो मातृभूमि की रक्षा के लिए या अपने कर्तव्य की खातिर जान गंवा बैठे. हालांकि इनमें से कुछ संगठनों के शहीदों के परिवार संस्था की तरफ से पहले भी सम्मानित किये जाते रहे हैं. लेकिन श्री भाटी का कहना है कि इस बार सार्वजनिक उपक्रमों और समाज के अन्य वर्गों से मिले समर्थन ने हमें इस कार्यक्रम का स्वरूप पहले के कार्यक्रमों के मुकाबले बड़ा करने का मौका दिया है. उन्होंने बताया कि इस दफा ऐसे 21 परिवारों को सम्मानित किया जा रहा है. प्रतीक चिन्ह के साथ हरेक शहीद के आश्रितों के बच्चों की शिक्षा व कल्याण के लिए 31 -31 हज़ार रुपये की धनराशि का चेक भी दिया जा रहा है. ‘रक्षक न्यूज़ डाट इन’ इस बार कार्यक्रम में मीडिया पार्टनर की भूमिका में है.

शहीद को अश्रुपूर्ण विदाई
प्रतीकात्मक फोटो

दिल्ली में कांस्टीट्यूशन क्लब आफ इण्डिया में आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम में तीन केन्द्रीय मंत्रियों आरके सिंह, हंसराज गंगाराम अहीर और किरेन रिजिजू के मुख्य अतिथियों के तौर पर शिरकत करने की सम्भावना है. इनके अलावा विशेष आमंत्रित अतिथि के तौर पर भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष और एक जमाने में भोजपुरी गानों के सुपर हिट सिंगर रहे मनोज तिवारी और उन्हीं की तरह पंजाबी व सूफी गायकी की हस्ती माने जाने वाले हंसराज हंस भी मौजूद रहेंगे. दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त देवेश श्रीवास्तव और मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) जीडी बख्शी भी खास मेहमान के रूप में आमंत्रित हैं. विदेश में भारतीय सेना के ‘आपरेशन खुकरी’ में अहम भूमिका निभाने वाले और करगिल युद्ध के दौरान तोलोलिंग की पहाड़ी व टाइगर हिल पर कब्ज़ा करने में अहम रही सेना की 18 ग्रेनेडियर के तब के कमांडिंग अफसर ब्रिगेडियर खुशाल सिंह ठाकुर इस कार्यक्रम के लिए हिमाचल प्रदेश के मंडी से आ रहे हैं.

सेना के अलावा जिन शहीद अधिकारियों और जवानों के परिवारों को सम्मानित किया जा रहा है वो भी देश के अलग अलग हिस्सों से आयेंगे. इनमें केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के साथ साथ दिल्ली और हरियाणा पुलिस के जवान भी हैं. श्री भाटी का कहना है कि श्री गीता जयंती समारोह समिति एक एनजीओ के तौर पर काम करती है तथा समाज कल्याण, स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में खास तवज्जो देते हुए उससे जुड़े कार्यक्रम करती है.

मीडिया पार्टनर के तौर पर इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाले रक्षक न्यूज़ डाट काम के संस्थापक और प्रधान सम्पादक संजय वोहरा ने बताया कि सेना समेत तमाम वर्दीधारी संगठनों के कल्याण के लिए काम करने वाले लोगों और संस्थाओं को सहयोग करना हमारी प्राथमिकताओं में से एक है. पत्रकारिता के धर्म का पालन करते हुए इस तरह के कार्यक्रमों के प्रचार में योगदान करना पेशेवर और सरोकार की पत्रकारिता की आवश्यकता भी है.