
भारत की राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर इन दिनों परेड की रिहर्सल चल रही है जिसमें सिमरन बाला भी पूरे जोश खरोश से शामिल होती हैं . किसी भी वर्दीधारी सन्गठन के कर्मी के लिए इस आयोजन में दस्ते की कमान संभालना किसी उपलब्धि से कम नहीं है . लोकप्रियता पाने के साथ साथ यह गर्व का विषय भी होता है .
सिमरन बाला ( simran bala ) ने जम्मू के गांधीनगर में गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वुमेन से राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन किया है. संघ लोक सेवा आयोग ( union public service commission ) की तरफ से आयोजित होने वाली केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल ( central armed police force ) की परीक्षा पास, पहले प्रयास में ही पास करने के बाद , सिमरन बाला को सीआरपीएफ का हिस्सा बनने का मौका मिला. गुरुग्राम में सीआरपीएफ अकादमी ( CRPF academy ) में ट्रेनिंग के दौरान उनको ट्रेनिंग और पब्लिक स्पीकिंग विषयों में सर्वश्रेष्ठ अधिकारी का पुरस्कार दिया गया था.सिमरन बाला को अप्रैल 2025 में फोर्स में कमीशन मिला था और उनकी पहली पोस्टिंग छत्तीसगढ़ की ‘बस्तरिया’ बटालियन में थी, जिसे नक्सल विरोधी अभियान चलाने का काम सौंपा गया था.
कई वीर जवानों के लिए प्रेरणा के स्रोत माने गए और नौशेरा की शेर कहलाने वाले भारतीय सेना के वह ब्रिगेडियर उस्मान सिमरन बाला के भी आदर्श हैं जिन्होंने युद्ध में पाकिस्तानी सेना के दांत खट्टे करने में अदम्य साहस दिखाया था. सैनिक परिवार के सदस्य होने के नाते और सीमावर्ती इलाके में घर होने के कारण , जहां गोलीबारी व सेना की गतिविधियां देखना रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा हो , सिमरन बाला के लिए किसी भी फ़ोर्स का हिस्सा बनना स्वाभाविकता जैसा ही है .
हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता दिखाई जाती है, जब यह रायसीना हिल से इंडिया गेट होते हुए लाल किले तक कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ती है. इस बार सीआरपीएफ और सशस्त्र सीमा बल (sashastra seema bal) की महिला ‘डेयरडेविल्स’ की एक ज्वाइंट टीम भी रॉयल एनफील्ड बाइक यानि बुलेट पर सवार होकर परेड का हिस्सा लेगी .












