OROP समेत कई मुद्दों पर रामलीला मैदान में देश भर के पूर्व सैनिकों की ‘अगस्त क्रान्ति रैली ‘

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देश के अलग अलग हिस्से से दिल्ली पहुंचे पूर्व सैनिक

भारत के कोने कोने से आए नाराज़ पूर्व सैनिकों ने वन रैंक वन पेंशन (one rank one pension) योजना  की विसंगतियों को अब तक दूर न करने को लेकर केंद्र सरकार के प्रति अपना आक्रोश ज़ाहिर किया है  . देश भर के पूर्व सैनिकों के 100 से ज्यादा संगठनों के बैनर पर इकट्ठा हुए इन पूर्व सैनिकों का यह हुजूम दिल्ली के उस ऐतिहासिक रामलीला मैदान में इकट्ठा हुआ जिस मैदान से देश के बड़े बड़े आंदोलनों की शुरुआत हुई है  और जो देश के शीर्ष नेतृत्व तक से जुडी घटनाओं का कई बार गवाह बना है .

हाथों में तिरंगा , जुबां पर भारत माता की जय लेकिन दिलो दिमाग में अपनी ही चुनी हुई उस सरकार के प्रति गुस्सा जो वादे को पूरी तरह निभा पाने में अब तक नाकाम साबित हुई है . पुर्व सैनिकों के इसी तरह के छोटे बड़े समूहों का यहां आने का सिलसिला दिन भर  चलता रहा.  भारत की थल  सेना , नौसेना और वायु सेना में अपनी पूरी जवानी समर्पित करने , देश के मान – सम्मान और आज़ादी को बचाए रखने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर दुश्मन से मुकाबला करने वाले इन पूर्व सैनिक को अब अपना हक मांगने के लिए वह तरीके अपनाने  पड़ रहे हैं जो सियासी आंदोलनों में आजमाए जाते हैं . देश के अलग अलग हिस्सों से सैंकड़ों मील का सफर तय करके राजधानी दिल्ली पहुंचे यह पूर्व सैनिक रविवार ( 6 अगस्त 2023) को राम लीला  मैदान में जमा हुए थे.

दिल्ली के रामलीला मैंदान में पूर्व सैनिकों की रैली

इस रैली को ‘अगस्त क्रांति रैली ‘ नाम दिया गया जिसका आयोजन  12 मार्च 2023 को गठित यूनाइटेड फ्रंट ऑफ़ एक्स सर्विसमेन (united front of ex servicemen ) ने किया था जोकि देशभर में पूर्व से पश्चिम  व उत्तर से दक्षिण  तक फैले 28 लाख पूर्व सैनिकों के विभिन्न संगठनों का एक समूह है . भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त सार्जेंट जितेन्द्र देव ने बताया  कि देश भर के पूर्व सैनिकों के 100 से ज्यादा संगठनों  ने पूर्व सैनिकों की इस रैली में  हिस्सा लिया .  भारत में रहने  वाले पूर्व सैनिकों ने अलग अलाग राज्यों में  इस तरह के बहुत से संगठन बना रखे हैं . यह संगठन राज्यों में भी इस तरह के रोष प्रदर्शन करते रहते हैं , अब इनके सदस्य दिल्ली में एकजुट हुए .  पूर्व सैनिकों के साथ साथ खासी तादाद में वह वीर नारियां भी इस महारैली में  शामिल हुई जिनके पति भारतीय सेना की सेवा करते हुए  इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए.

यूनाइटेड फ्रंट ऑफ़ एक्स सर्विसमेन की अगस्त क्रांति रैली

एक रैंक एक पेंशन ( one rank one pension ) योजना लागू करने में हुई गड़बड़ियों को दूर करके सामान पेंशन दिए जाने की मांग कर रहे इन पूर्व सैनिकों की एक अन्य मांग मिलिटरी सर्विस पे ( military service pay ) की विसंगतियों को भी ठीक करने की है . यह विसंगतियां छठे  और सातवें दोनों ही वेतन आयोगों की सिफारिशों को लागू करने में दिखाई दीं. कहा जा रहा है रक्षा मंत्रालय से इस मामले की फाइल वित्त मंत्रालय भेजी गई है जो वहां लंबित है . दूसरी तरफ इससे जुड़ा मामला अदालत में भी होने के कारण कानूनी पेचीदगियों में फंसा है . पूव सैनिकों का इलज़ाम है कि वेतन आयोग में इनकी बात को सही तरह से सूना नहीं गया या इनके प्रतिनिधियों को बोलने का उचित मौका नहीं दिया गया .

पहले छठे वेतन आयोग की इन विसंगतियों ने हवलदार  या सार्जेंट रैंक और उसके नीचे के रैंक के पुर्व सैनिको के हितो को प्रभावित किया था लेकिन सातवें वेतन आयोग मकी सिफारिशों के बाद इससे उपर के रैंक के जूनियर कमीशंड अधिकारी ( जेसीओ – jco ) और नॉन कमीशंड अधिकारी ( एन सी ओ – nco ) भी इसकी चपेट में आ गए है .

दिल्ली के रामलीला मैदान में 6 अगस्त 2023 को पूर्व सैनिकों की हुई इस  महारैली का प्रचार करते वक्त बताया गया था कि इसमें अन्ना हजारे और परमवीर चक्र से सम्मानित करगिल योद्धा कैप्टन योगेन्द्र सिंह यादव भी संबोधित करेंगे  लेकिन दोनों ही नहीं आए.