कश्मीरी युवकों के कट्टरपंथी बनने के लिए सेना जिम्मेदार नहीं : रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण

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रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण
मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण. साथ में नौसेना प्रमुख और रक्षा राज्यमंत्री. Photo/PIB

नई दिल्ली. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि कश्मीरी युवकों के आतंकवादी बनने के लिए सशस्त्र बलों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए. ऐसा कहकर उन्होंने संकेत दिया कि हिंसक कट्टरवाद से सामना करने के लिए सरकार की कठोर नीति में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. सीतारमण ने यहां संवाददाताओं को बताया, “मुझे लगता है कि मुद्दे को समझने की जरूरत है, जो जरा से फर्क के साथ बहुत संवेदनशील है. आप आतंकियों के साथ कठोरता से पेश आने के लिए सशस्त्र बलों को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते. हमें सख्त होने की जरूरत है.”

वह इस सवाल का जवाब दे रही थीं कि क्या राज्य में हथियार उठाने वाले युवाओं, विशेषकर शिक्षित युवाओं की संख्या में बढ़ोतरी का संबंध सरकार की आतंकवाद से निपटने की कठोर नीति का नतीजा है.

सीतारमण ने कहा कि कश्मीर घाटी में सोमवार को पत्थरबाजी की घटना में चेन्नई के एक पर्यटक की मौत ने साबित किया है कि कैसे सशस्त्र बलों को पर्यटकों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने की और आतंकियों के खिलाफ कठोर होने की जरूरत है. उन्होंने नौसेना कमांडरों के द्विवार्षिक सम्मेलन से इतर यह बातें कहीं.

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का जिक्र किए बिना रक्षा मंत्री ने याद दिलाया कि पीडीपी नेता राज्य की यात्रा करने के लिए पर्यटकों को भावुक आमंत्रण किया करती थीं. मुफ्ती ने हाल ही में केंद्र से करुणा और सहानुभूति के साथ एक सार्थक संवाद शुरू करने की अपील की थी.

रक्षा मंत्री ने कहा, “मुझे यकीन है कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि कश्मीर अधिक पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने लिए इच्छुक है क्योंकि इससे राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने में भी मदद मिलेगी. ऐसे में अगर पत्थरबाजी की घटना में पर्यटक की मौत हो जाती है तो यह मुख्यमंत्री की उस जायज अपील के लिए सही नहीं है कि राज्य को और पर्यटक चाहिए.”

उन्होंने कहा कि सभी चीजों के लिए सशस्त्र बलों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, “आतंकियों के संदर्भ में सेना को कठोर होना होगा. लेकिन उसी वक्त मैं समझती हूं कि हमें अधिक से अधिक पर्यटकों के यहां मुक्त माहौल में आने, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए काम करना चाहिए ताकि सामान्य स्थिति को बहाल किया जा सके. और, जो भी कल हुआ वह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण था.”

सीतारमण ने कहा, “एक पर्यटक की मौत को सरलता ने नहीं लिया जा सकता. मुझे नहीं पता कि यह जानबूझकर हुआ या अनजाने में, लेकिन यह पूर्ण रूप से निंदनीय है.”