आतंकियों की गोलियों का सामना करने वाली एएसपी सुहाय अज़ीज़ तालपुर को मिलेगा मेडल

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सुहाय अज़ीज़ तालपुर
एएसपी सुहाय अज़ीज़ तालपुर ने पाकिस्तान में चीनी दूतावास पर आतंकी हमला रोकने में पुलिस आपरेशन का नेतृत्व किया.

पाकिस्तान में चीनी दूतावास पर आतंकवादी हमला रोकने में पुलिस आपरेशन का नेतृत्व करने वाली महिला अधिकारी सुहाय अज़ीज़ तालपुर को क़ायदे आज़म पुलिस मेडल देने का प्रस्ताव किया गया है. इसके अलावा सुहाय अज़ीज़ तालपुर के साथ उन दो और पुलिस अधिकारियों को आतंवादियों के खिलाफ की गई जांबाज कार्रवाई के लिए सर्टिफिकेट और दो दो लाख रुपये नकद पुरस्कार देने का भी ऐलान किया गया है जो इस आपरेशन में शामिल थे.

सुहाय अज़ीज़ तालपुर
एक्शन में सुहाय अज़ीज़ तालपुर.

सिंध प्रांत के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) कलीम खान ने ये ऐलान करते हुए कराची की सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुहाय अज़ीज़ तालपुर की जमकर तारीफ की जो पुलिस अधीक्षक का अतिरिक्त कार्यभार भी सम्भाल रही हैं. पाकिस्तान में पुलिस महकमे में ही नहीं आम लोग भी इस अधिकारी सुहाय की तारीफ़ कर रहे हैं जिसने करांची के क्लिफ्टन इलाके में चीनी दूतावास को निशाना बनाने आये आतंकवादियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की अगुआई की. दूतावास की इमारत के पास आज सुबह गोलियों की आवाज़ सुनकर पहुँचने वाले सुहाय अज़ीज़ तालपुर पहली अधिकारी थीं. चीनी दूतावास के बाहर घंटाभर चली मुठभेड़ में तीनों हमलावर आतंकवादी तो ढेर कर दिए गये थे लेकिन इसमें दो पुलिसकर्मियों और दो नागरिकों की भी जानें गईं.

इस हमले की ज़िम्मेदारी पाकिस्तान में प्रतिबन्धित बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है जिसने कहा है कि वह चीन को सेना को अपनी गतिविधियों के लिए बलूचिस्तान की धरती इस्तेमाल नहीं करने देगी. वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस तरह के हमलों के पीछे उन ताकतों का हाथ बताया है जो पाकिस्तान की तरक्की को पसंद नहीं करते और जिन्हें चीन के साथ बेहतर हुए आर्थिक व व्यापारिक रिश्तों से तकलीफ है.

सुहाय की तारीफ़ :

सुहाय अज़ीज़ तालपुर सिंध प्रांत की ऐसी पहली महिला अधिकारी हैं जिसका नाम कायदे आज़म पुलिस मेडल के लिए प्रस्तावित किया गया है. कराची में पुलिस आपरेशन खत्म होने के बाद चीनी राजनयिकों को इस आपरेशन के बारे में ब्योरा देने के लिए आयोजित बैठक में सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह एएसपी सुहाय के सम्मान में खड़े हुए और सुहाय की बहादुरी व साहस की तारीफ़ करते हुये सुहाय को शाबाशी भी दी. मुराद अली शाह बोले, ‘सुहाय अज़ीज़, तुमने बहादुरी की मिसाल कायम की है. ये महिलाएं हैं जो सबसे आगे निकल रही हैं ‘.

वहीं पाकिस्तान के विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने भी एएसपी सुहाय अज़ीज की तारीफ़ करते हुए ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है कि सिंध पुलिस की साहसी एएसपी सुहाय अज़ीज़ के नेतृत्व में किया गया आपरेशन हिम्मत भरा काम था. उन्होंने पुलिस की बहादुरी और शहादत को सलाम भी किया. उल्लेखनीय है कि पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ज़रदारी की माँ बेनज़ीर भुट्टो पाकिस्तान की प्रधानमंत्री रही थीं जिनकी आतंकवादियों ने बम धमाके में हत्या कर डाली थी.

सुहाय अज़ीज़ तालपुर की जिंदगी :

सुहाय अज़ीज़ तालपुर
सुहाय अज़ीज़ तालपुर.

पाकिस्तान की सेन्ट्रल सुपीरियर सर्विस (CSS) की साल 2013 की परीक्षा पास करने के बाद पुलिस बल का हिस्सा बनीं सुहाय अज़ीज़ तालपुर सिंध प्रांत के टंडो मुहम्मद खान ज़िले के भाई खान तालपुर गाँव में रहने वाले निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं. वह निचले सिंध से आने वाली पहली महिला एएसपी हैं. उनके पिता अज़ीज़ तालपुर सियासी कार्यकर्ता और लेखक हैं लेकिन रूढ़िवादी माहौल की वजह से उन्हें अपना गाँव छोड़ना पड़ा. दरअसल सुहाय को जब गाँव के स्कूल में भर्ती कराया गया तो रिश्तेदार परिवार पर टिप्पणी करते थे. रिश्तेदार कहते थे कि लड़की को स्कूल की शिक्षा नहीं सिर्फ धार्मिक शिक्षा दी जाए. इस वजह से रिश्तेदारों की उन्हें अक्सर जली कटी सुननी पड़ती थी. ऐसे हालात में वह गाँव छोड़कर पास के शहर जाकर बसने पर मजबूर हो गये.

लिहाज़ा टंडो मुहम्मद खान के प्राइवेट स्कूल से प्राइमरी की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने आगे की स्कूली पढ़ाई बाहरिया फाउंडेशन स्कूल से की. हैदराबाद के ज़ुबेदा गर्ल्स कॉलेज से सुहाय अज़ीज़ तालपुर ने बीकॉम किया और परिवार उन्हें चार्टर्ड अकाउंटेंट बनाना चाहता था लेकिन सुहाय अज़ीज़ को ये नीरस काम लगता था जिसकी समाज में ख़ास अहमियत नहीं लगती. इसके बाद सुहाय ने सेन्ट्रल सुपीरियर सर्विस परीक्षा दी.

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