सीबीआई के ये अधिकारी सुशांत सिंह राजपूत केस की जाँच में जुटे

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आईपीएस अफसर गगनदीप सिंह गंभीर

तेजी से उभर कर स्थापित हुए शानदार अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की गुत्थी सुलझाने की ज़िम्मेदारी अब केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अधिकारी गगनदीप सिंह गंभीर को सौंपी गई है. बिहार के मुजफ्फरपुर में पैदा हुई और पली बढ़ी गगनदीप को एक तेज़ तर्रार पुलिस अधिकारी माना जाता है. इससे पहले भी कई पेचीदा मामलों की जांच से जुड़ने का तजुर्बा रखने वाली गगनदीप सिंह गंभीर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईपीएस) के गुजरात कैडर की 2004 बैच की अधिकारी हैं और फिलहाल सीबीआई में उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के पद पर प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं. आईपीएस अधिकारी पुलिस अधीक्षक नुपुर प्रसाद भी जांच दल में हैं.

सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच अभी तक मुंबई पुलिस कर रही थी. बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार की तरफ से अधिसूचना जारी होने के बाद ये केस सीबीआई को स्थानांतरित किया गया. इसके बाद इस केस के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाया गया. सीबीआई ने सुशांत के केस में आत्महत्या के लिए उकसाने का जो मामला दर्ज किया उसमें सुशांत सिंह राजपूत की मित्र रिया चक्रवर्ती और रिया के परिवार के कुछ सदस्यों के भी नाम हैं. ये लोग प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में भी आये हुए हैं.

आईपीएस गगनदीप सिंह गंभीर :

आईपीएस अफसर गगनदीप सिंह गंभीर

चार साल से सीबीआई में काम कर रहीं आईपीएस अफसर गगनदीप इससे पहले गुजरात के राजकोट ज़िले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) थीं. उनकी शुरूआती स्कूली पढ़ाई बिहार में ही हुई लेकिन उच्च शिक्षा उन्होंने पंजाब विश्विद्यालय में ली. वह पंजाब विश्विद्यालय की टॉपर भी रहीं. आईपीएस गगनदीप सिंह गंभीर की छवि एक कड़क महिला अधिकारी की है. उत्तर प्रदेश के अवैध खनन घोटाले और बिहार के सृजन घोटाले जैसे मामलों की तहकीकात से भी गगनदीप जुड़ी रही हैं.

आईपीएस मनोज शशिधर :

आईपीएस अधिकारी मनोज शशिधर

सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या के इस केस में जिस विशेष टीम का गठन किया गया है उसका प्रभारी आईपीएस अधिकारी मनोज शशिधर को बनाया गया है जो सीबीआई में संयुक्त निदेशक (ज्वाइंट डायरेक्टर) हैं. दिलचस्प है कि 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी मनोज शशिधर का भी गुजरात कैडर ही है. इन्वेस्टिगेशन में उनका भी अच्छा रिकॉर्ड बताया जाता है. मनोज शशिधर इसी साल जनवरी में गुजरात से सीबीआई में पांच साल की प्रतिनियुक्ति पर आये हैं.

भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री (सीएम) थे तब मनोज शशिधर की छवि नरेंद्र मोदी के चहेते अधिकारी के रुप में बनी हुई थी. उस वक्त मनोज शशिधर अहमदाबाद में अपराध शाखा के एसपी थे और वह संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) के रूप में भी काम कर चुके हैं. इसके अलावा मनोज शशिधर को राजकोट रेंज के डीआईजी के रूप में, वड़ोदरा के पुलिस कमिश्नर, गोधरा रेंज में कार्य करने के बाद राज्य खुफिया विभाग के प्रमुख का ओहदा भी दिया गया.

पुलिस अधीक्षक नुपुर प्रसाद भी जांच दल में हैं.

गौरतलब है कि सफल कलाकार सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून की दोपहर में मुम्बई के बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में कथित रूप से पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी. इस मसले में तब से मुम्बई पुलिस जांच कर रही थी पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंची और इस बीच पूरी फिल्म इंडस्ट्री में कई दिग्गजों पर आरोपों की झडी लग गई. सुशांत को प्रताडित किए जाने के आरोप लगे. विवाद इतना गहरा गया कि बिहार पुलिस को भी बीच में कूदना पडा क्योंकि सुशांत के पिता ने नए आरोप लगाते हुए पटना में एफआईआर दर्ज करा दी. इसके बाद दो राज्यों की पुलिस में विवाद हो गया. अंतत: बिहार सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर अधिसूचना जारी कर दी थी.

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