भ्रष्टाचार से लड़ाई के लिए नई रणनीति – औज़ार बनाने की तैयारी

6
लोकपाल
“ब्रिंगिंग सिनर्जीस इन एंटी-करप्शन स्ट्रैटजीस (भ्रष्टाचार विरोधी रणनीति को गति प्रदान करना)” विषय पर आयोजित वेबिनार

भारत में व्याप्त भ्रष्टाचार की समस्या से लड़ने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों के लिए एक ऐसा साझा पोर्टल बनाये जाने का विचार एक वेबिनार में चर्चा में आया. इस वेबिनार की अध्यक्षता भारत के पहले लोकपाल जस्टिस पिनाकी चन्द्र घोष (पीसी घोष) कर रहे थे. वेबिनार में सीबीआई, पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया.

हाल ही में आयोजित इस वेबिनार में जस्टिस पिनाकी ने कहा कि भ्रष्टाचार जहाँ कहीं भी हो, उसे शुरुआती चरण में ही कुचल देना चाहिए. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि देश से भ्रष्टाचार को खत्म करने में सभी एजेंसियों और संगठनों को सहयोग देना चाहिए. जस्टिस घोष ने आगे कहा कि, हमें भ्रष्टाचार की रोकथाम के उपायों की सराहना करनी चाहिए और इन उपायों को “इलाज से परहेज भला” जैसे नियम के रूप में अपनाना चाहिए.

लोकपाल
वेबिनार की अध्यक्षता भारत के पहले लोकपाल जस्टिस पिनाकी चन्द्र घोष ने की.

भारत के लोकपाल कार्यालय के अध्यक्ष ने मंगलवार को “ब्रिंगिंग सिनर्जीस इन एंटी-करप्शन स्ट्रैटजीस (भ्रष्टाचार विरोधी रणनीति को गति प्रदान करना)” विषय पर आयोजित वेबिनार में कहा कि अपनी स्थापना के बाद से ही, भारत के लोकपाल अपने कर्तव्यों का निर्वहन लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम 2013 में बताये गए प्रावधानों के मुताबिक कर रहे हैं. इस वेबिनार का आयोजन भारत के लोकपाल ने अपनी स्थापना के दो वर्ष पूरे होने पर किया था. वेबिनार की अध्यक्षता भी श्री घोष ने की.

वेबिनार में लोकपाल के सदस्यों, मुख्य सतर्कता आयुक्त, सतर्कता आयुक्त, भारत सरकार के सचिव (कार्मिक), केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक और निदेशक (प्रवर्तन) ने हिस्सा लिया.

प्रतिभागी एजेंसियों ने भ्रष्टाचार के बारे में वास्तविक समय के आधार पर जानकारियों को आपस में साझा करने पर बल दिया. इस दौरान एक ऐसा वेब पोर्टल बनाने का निर्णय लिया गया, जिस पर सीमित लोगों/एजेंसियों की पहुंच होगी, जिससे ज़रूरी जानकारियों को साझा करना सुरक्षित और सरल होगा. केन्द्रीय सतर्कता आयोग, केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय के करीब 250 फील्ड अधिकारी भी वीडियो लिंक के माध्यम से वेबिनार में शामिल हुए.

लोकपाल की स्थापना लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम 2013 के प्रावधानों के तहत 23 मार्च 2019 को हुई थी. भारत के पहले लोकपाल के तौर पर न्यायमूर्ति पिनाकी चन्द्र घोष (सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश) को भारत के राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी. इसके बाद भारत के लोकपाल कार्यालय के जस्टिस पिनाकी चन्द्र घोष ने 27 मार्च 2019 को चार न्यायिक सदस्यों और चार अन्य सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here