सीआरपीएफ के ‘ लव यू जिंदगी ‘ कार्यक्रम को मिला फिक्की का ‘ स्मार्ट पुलिसिंग ‘ अवार्ड

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फिक्की ने सीआरपीएफ के ' लव यू जिंदगी ' समेत विभिन्न पुलिस संगठनों को उनके विशेष काम के लिए स्मार्ट पुलिसिंग अवार्ड दिए
फेडरेशन ऑफ़ इंडियन चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (फिक्की – FICCI ) ने केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की तरफ से चलाये जा रहे मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम ‘ लव यू ज़िन्दगी ‘ को स्मार्ट पुलिसिंग का सम्मान प्रदान किया है . यह एक तरह का विशेष कोर्स  है जो सीआरपीएफ के श्रीनगर सेक्टर में तैनात जवानों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए या उसे दोषमुक्त करने के लिए चलाया जा रहा है.
अमृता यूनिवर्सिटी और डीन स्कूल ऑफ़ सोशल एंड बिहेवियरल साइंस के विशेषज्ञों की टीम और प्रशिक्षकों की मदद से इस कार्यक्रम को चलाया जा रहा है . सीआरपीएफ की तरफ से  वी एस खटाना ने आज दिल्ली में फिक्की के  कार्यक्रम में यह सम्मान प्राप्त किया . वैसे स्मार्ट पुलिसिंग के लिए फिक्की ने विभिन्न श्रेणियों में आए मनोनयन में से 15 अन्य पुलिस संगठनों को भी उनकी अलग अलग पहल या विशेष कार्य के लिए अवार्ड से सम्मानित किया है

 

भारतीय पुलिस  सेवा ( आईपीएस ) की अधिकारी और सीआरपीएफ के दक्षिण सेक्टर की प्रभारी महानिरीक्षक ( आईजी ) चारू सिन्हा के कार्यकाल के दौरान यह कार्यक्रम श्रीनगर में शुरू किया गया था . हैदराबाद में दक्षिण सेक्टर की आईजी के तौर पर तैनाती से पहले श्रीमती सिन्हा श्रीनगर सेक्टर की आईजी थीं . इस सम्मान और  कार्यक्रम की सफलता के लिए उन्होंने इस कार्य में लगी पूरी टीम को श्रेय दिया है.

सीआरपीएफ एकेडमी के सीओ वी एस खटाना ने फ़िक्की की तरफ से ‘ लव यू ज़िंदगी ‘ कार्यक्रम को दिया हुआ अवार्ड स्वीकार किया .

आईपीएस चारू सिन्हा का कहना है कि यह ‘ स्मार्ट पुलिसिंग ‘ (smart policing ) का यह अवार्ड मैं श्रीनगर सेक्टर में तैनात उन सीआरपीएफ कार्मिकों को करना चाहूंगी जिनके लिए और जिनके जीवन से प्रेरित होकर इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई . श्रीमती सिन्हा ने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय उन प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों को दिया है जिन्होंने इसे लागू करने में बेहद सब्र और जुझारू दिखाया.

लव यू जिंदगी (LUV YOU ZINDAGI ) कार्यक्रम आतंकवाद प्रभावित जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ के  श्रीनगर सेक्टर में शुरू करने का विचार तब आया था जब वहां तैनात जवानों में तनाव और उससे उत्पन्न विकारों के कारण उनके व्यवहार में नकारात्म बदलाव देखने को मिले. सर्दी का मौसम , काम का दबाव , घर परिवार से दूरियाँ , घर की या निजी  परेशानियां , आर्थिक हालात आदि ऐसे कई कारण जवानों की मनोदशा पर नकारात्मक असर डाल रहे थे. इससे काम के दौरान ही नहीं उनकी घरेलू जिंदगी पर भी असर पड़ रहा था. कई जवान ऐसे हालात और दबाव से इतने अवसाद में चले जाते हैं कि खुदकशी कर लेते हैं या उनमें इस तरह के विचार आने लगते हैं. कभी कभार यह हालात उनमें कुंठा , दूसरों के प्रति घृणा आदि भी पैदा करते हैं कि वह दूसरों के प्रति हिंसक भी हो उठते हैं .

सितंबर 2021 में  जब 1996 बैच की तेलंगाना कैडर की  आईपीएस चारू सिन्हा ने श्रीनगर में सीआरपीएफ के आईजी का ओहदा संभाला उस साल के आंकड़े  बताते हैं कि 58 जवानों ने बल में खुदकशी की. बिहार में 2018 में बल में लिंग भेद के कारण आने वाली समस्याओं और इस विषय पर जागरूकता की दिशा में काम कर चुकी चारू सिन्हा ने श्रीनगर आने के बाद उपरोक्त परिस्थितियों का अध्ययन व आकलन किया. इसके बाद उन्होंने ‘अमृता विश्व विद्यापीठम’के साथ मिलकर एक ऐसा कार्यक्रम चलाने का विचार बनाया जो सीआरपीएफ जवानो में  तमाम तरह के दबावों से पैदा हुई समस्याओं का पता लगाने से लेकर उनका समाधान करने के तौर तरीके सिखाए व समझाए. यहीं से सात दिन के इस कोर्स यानि ‘ लव यू जिंदगी ‘ कार्यक्रम कि शुरुआत हुई. कोर्स का महामंत्र है – खुश जवान , खुश परिवार , खुश सीआरपीएफ.

सीआरपीएफ की महानिरीक्षक चारू सिन्हा

‘लव यू जिंदगी ‘कोर्स की शुरुआत से ही कोर्डिनेटर के तौर पर काम कर रही सीआरपीएफ की सहायक कमांडेंट मोनिका साल्वे ने रक्षक न्यूज़ से बातचीत के दौरान इस साल के शुरुआत में आंकड़े साझा करते हुए बताया था  कि  तक 27000 से ज्यादा  जवानों को ‘लव यू जिंदगी ‘ कोर्स कराया जा चुका है. हर यूनिट में 2 मास्टर ट्रेनर अधिकारी हैं. कुल मिलाकर अब कोर्स के 50 मास्टर ट्रेनर्स हैं और 550 फ्रंटलाइन ट्रेनर हैं. सीआरपीएफ जवानों को अवसाद रहित और खुश रहने के तरीके सिखाने के साथ साथ ये कोर्स उनकी पितृसत्ता और पुरुष प्रधान समाज वाली सोच बदलने और उनको अपने परिवार की महिलाओं को सशक्त बनाने में प्रेरित करता है. इसके लिए भी उनको आसानी से अमल में लाये जाने वाले तरीके सिखाए जाते हैं.

दुनियाभर में इस तरह का कार्यक्रम चलाने वाला सीआरपीएफ पहला बल है .