भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश राज्य के नोएडा में शनिवार को जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया. लेकिन अभी यहां से विमानों की उड़ानें शुरू नहीं हुई हैं क्यूंकि इसके लिए ज़रूरी सुरक्षा मंजूरी नहीं मिली है . इस काम में डेढ़ से दो महीने तक लग सकते हैं.
भारत के केंद्रीय विमान पत्तन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा है कि जेवर हवाई अड्डे का व्यावसायिक परिचालन अगले 45 से 60 दिनों में होगा.
भारत में किसी भी हवाई अड्डे पर विमान की उड़ान और उससे संबंधित सेवाएं तभी शुरू हो सकती हैं जब विमान पत्तन सुरक्षा ब्यूरो ( bureau of civil aviation) हवाई अड्डा सुरक्षा कार्यक्रम ( airport security programme) जारी कर दे. ब्यूरो का एएसपी एक ऐसा दस्तावेज़ है जिसे ‘ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी रेगुलेशन 49 सीएफआर 1542’ के तहत ज़रूरी सुरक्षा प्रक्रियाओं, तरीकों और जवाबी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने के लिए बनाया जाता है. यह एक व्यापक सुरक्षा ब्लूप्रिंट का काम करता है, जिसमें पहुंच नियंत्रण, बाहरी सुरक्षा, सुरक्षा जांच और आपातकालीन आकस्मिक योजनाओं का विस्तृत विवरण दिया गया होता है.
जब यहां से उड़ाने शुरू ही नहीं हुई तो फिर उद्घाटन कैसा ? आखिर यह रस्म क्यों की गई …? इस तरह के सवाल किसी के भी ज़हन में उठना लाजमी है . माना जा रहा है कि यह उद्घाटन आने वाले विधान सभा चुनाव के मद्देनजर किया गया ताकि बरसों से लम्बित इस हवाई अड्डे की परियोजना को पूरा करने को एक उपलब्धि के तौर पर प्रचारित करके, केंद्र में सत्तारूढ़ सियासी दल भारतीय जनता पार्टी (bjp) को लाभ मिल सके .
उल्लेखनीय है कि भारत के चार राज्यों व एक केंद्र शासित क्षेत्र में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है. असम , केरल और केन्द्रशासित क्षेत्र पुदुचेर्री में 9 अप्रैल 2026 को जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है. वहीं पश्चिम बंगाल में में पोलिंग दो चरणों , 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगी.













