26/11 मुंबई हमले के 10 साल, जानिये तब और उसके बाद क्या क्या हुआ

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26 /11 के मुम्बई आतंकी हमले की ये तस्वीर सारी कहानी बयां कर देती है. उस समय इस हमले ने पूरी दुनिया को हिला दिया था.

26/11 को आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 10 सदस्य पाकिस्तान के कराची शहर से समंदर के रास्ते नाव से भारत की आर्थिक राजधानी के नाम से मशहूर मुंबई शहर पहुंचे और यहाँ की इमारतों में तबाही मचा दी.

  • बन्दूकों और हथगोलों से लैस इन आतंकवादियों ने 164 लोगों की जान ली.
  • इनमें से एक मोहम्मद अजमल कसाब को छोड़ बाकी सभी 9 को भारतीय सुरक्षा बलों ने मार गिराया. अजमल कसाब को इस हमले के चार साल बाद 2012 में फांसी की सज़ा दी गई.
  • समन्दर से आते वक्त आतंकवादियों ने मछुआरों की नाव हाइजैक की और उसमें सवार चालक दल के चार सदस्यों की हत्या करके उनकी लाशें फेंक दी. उन्होंने नाव (Trawler) के कप्तान की गर्दन भी काट डाली.
  • आतंकवादियों ने मुंबई की पहचान गेटवे ऑफ़ इंडिया स्मारक पर नाव रोकी. सड़क पर आकर उन्होंने पुलिस के एक वाहन समेत कारें कब्ज़े में लीं और अलग अलग तीन गुटों में खुद को बाँट लिया और अंधाधुंध हमले शुरू कर डाले.

इन जगहों पर हमले : 

  • छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर करीब डेढ़ घंटे में आतंकवादियों ने 58 लोगों की जान ली. स्टेशन से बाहर निकलते ही उन्होंने पुलिस बेरिकेड के पास जमा हुए लोगों पर भी गोलियां बरसाईं. यहाँ आतंकियों ने 10 और लोगों की जान ली.
  • कैफे लियोपोड को उन्होंने दस से पन्द्रह मिनट कब्जाये रखा और और तकरीबन दस लोगों को मार डाला.
  • कामा एंड एल्ब्लेस अस्पताल के बाहर पुलिस अधिकारियों के दल पर गोलियां बरसा कर उनमें से 6 की हत्या कर डाली.
  • नरीमन हाउस यहूदी कम्युनिटी सेंटर को तीन दिन (26 से 28 नवम्बर तक) कब्जे में रखा और यहाँ 7 लोगों का कत्ल किया.
  • ओबेराय ट्रायडेंट होटल को आतंकियों ने तीन दिन (26 से 28 नवम्बर तक) कब्ज़े में रखा और यहाँ 30 लोगों को मार डाला.
  • ताज महल और टावर होटल को चार दिन (26 से 29 नवम्बर तक ) कब्जे में रखा और यहाँ तकरीबन 31 लोग मार डाले.

हमले के गुनहगार :

जांच में पता चला कि अमेरिकन नागरिक डेविड कोलमेन उर्फ़ दाऊद जिलानी ने हमलावरों को उन इमारतों और जगहों के बारे में गाइड किया था. हेडली ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था. उसे शिकागो में गिफ्तार किया गया और 35 साल की सज़ा सुनाई गई. हेडली को नकली वीसा दिलाकर पाकिस्तान पहुंचने में मदद करने के मामले में केनेडियन नागरिक तहव्वुर राणा को भी शिकागो में गिरफ्तार किया गया लेकिन उस पर आतंकवादियों को सामान मुहैया कराने की साजिश में शामिल होने का दोष साबित नहीं हो सका.

मुंबई हमले के मास्टर माइंड जकी उर रहमान समेत 7 लोगों को 2009 में पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया लेकिन 2015 में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने इसे गैरकानूनी हिरासत बताया और रिहाई के आदेश दिए. उसे ज़मानत दे दी गई.

इस हमले के पीछे रहे संगठन लश्कर ए तैयबा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद को जनवरी 2017 को पाकिस्तान में घर में नज़रबंद किया गया लेकिन नवंबर 2017 उसे नज़रबंदी से मुक्त कर दिया गया.

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