रंग बिरंगा और जोश से सराबोर दिखाई दिया पंजाब में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर का मैदान

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255 वें बैच की इस पासिंग आउट परेड
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 14 कार्मिकों को अगला रैंक देते हुए उनकी खाकी वर्दी पर सितारे लगाये. इस मौके पर पुलिस महानिदेशक सुरेश अरोड़ा भी मौजूद थे.

भारत के सीमावर्ती राज्य पंजाब की पुलिस के कई जवानों और अधिकारियों के लिए तो आज 9 जुलाई 2018 का दिन अहम बना ही, पंजाब पुलिस के इतिहास में भी इस तारीख ने खास जगह बना ली है. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिपाहियों की तरक्की के लिए बनाई गई नई नीति के तहत, 14 कार्मिकों को अगला रैंक देते हुए उनकी खाकी वर्दी पर सितारे लगाये तो होशियारपुर के जहां खेलां के ऐतिहासिक पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PRTC) के मैदान में माहौल में भावुकता और उत्साह का गज़ब मेल छा गया. मैदान में रंग तो इसलिए भी बिखरे क्यूंकि परम्परागत खाकी वर्दी के साथ सजी लाल, नीली, पीली चटक रंगों से बनी पगड़ी पर एकतरफ लटके सुनहरे झालर, कदमताल कर रहे उन रंगरूटों के जोश की तरह हिलोरे मार रहे थे जो आज इस जांबाज़ और ऐतिहासिक पुलिस फ़ोर्स का हिस्सा बने. 255 वें बैच की इस पासिंग आउट परेड के साथ ही 2068 सिपाहियों की नफरी ने पंजाब पुलिस बल में इजाफा किया.

कैप्टन के दो ऐलान

यहाँ आज सुबह, पंजाब पुलिस में सिपाही के तौर पर भर्ती हुए पुलिसकर्मियों की तरक्की नीति का औपचारिक ऐलान करने के साथ ही मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने दो ऐलान और किये. पहला, इस ट्रेनिंग सेंटर में ढांचागत सुविधाएँ बढ़ाने के लिए राज्य के बजट से 5 करोड़ रुपये का आवंटन. दूसरा, पुलिस परिवारों की भलाई के लिए मुख्यमंत्री के खज़ाने से 50 लाख रुपये मुहैया करना.

जब भावुक हो गये कैप्टन

उन्होंने परेड की सलामी ली और वहां मौजूद जवानों व अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए जो कुछ कहा वो भी भावुकता से ओतप्रोत था. उन्होंने पंजाब पुलिस की ऐतिहासिक उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए बताया कि आतंकवाद से निबटने और शांति बहाली की प्रक्रिया में इस बल ने 1800 जवानों और अधिकारियों को खोया है. 1964 का भी उन्होंने ज़िक्र किया जब पंजाब पुलिस की 4 कम्पनियां कश्मीर में हज़रतबल में भेजी गई थीं और तब वहां वह खुद फौजी अफसर के तौर पर तैनात थे.

कैप्टन और उनकी जवानी

मुख्यमंत्री ने अपनी जवानी के वे दिन याद किये जब भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और उन्हें तीन साल नेशनल डिफेन्स अकेडमी और एक साल इन्डियन मिलिटरी अकेडमी की सख्त ट्रेनिंग से गुज़रना पड़ा था. जहां खेलां पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के  9 महीने के रंगरूटों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की तारीफ करते हुए उन्होंने इसकी तुलना नेशनल डिफेन्स अकेडमी और इन्डियन मिलिटरी अकेडमी की ट्रेनिंग से की.

समारोह और परेड के दौरान पंजाब पुलिस के महानिदेशक सुरेश अरोड़ा मुख्यमंत्री के साथ थे. उन्होंने फाज़िल्का के रंगरूट मनप्रीत सिंह को सभी प्रशिक्षण कोर्सेस में और इनडोर विषयों में टॉप करने के लिए सम्मानित किया. लुधियाना देहात के सुरिंदर सिंह को आउटडोर विषयों में अव्वल आने पर सम्मान दिया गया. उन्होंने परेड कमांडर बलजीत सिंह को भी सम्मानित किया. बलजीत ने परेड में रंगरूटों की अलग अलग टुकड़ियों का नेतृत्व किया था. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्रेनिंग सेंटर के उप जिला अटार्नी कंवलप्रीत सिंह, डीएसपी हरजीत सिंह और मलकीत सिंह को भी सम्मानित किया.

इस खास मौके पर राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री राना गुरमीत सिंह सोढ़ी, सुन्दर शाम अरोड़ा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, विधायक राजकुमार वेरका, रजनीश कुमार बब्बी, संगत सिंह गिल्ज़ियाँ के अलावा कई नेताओं के साथ पुलिस के सेवारत व रिटायर्ड अधिकारी मौजूद थे.

सिपाही के तौर पर भर्ती पुलिसकर्मियों के लिए प्रोन्नति नीति :

पंजाब पुलिस में भर्ती सिपाहियों को तरक्की देने के लिए बनाई और अमल में लाई जा रही इस तरह की ये पहली नीति है जिसमें एक निश्चित समय सीमा के भीतर सिपाहियों को पदोन्नत करने का प्रावधान है. इसके तहत, जो सिपाही सेवाकाल के 16, 24 और 30 साल पूरे कर चुके हैं उनको अगले रैंक पर प्रोन्नत किया जायेगा.

इससे पहले पंजाब पुलिस में सिपाही के तौर पर भर्ती हुए पुलिसकर्मियों को सिर्फ 16 साल के बाद तरक्की के साथ अगला रैंक दिया जाता था. एक अंदाजे के मुताबिक इस नीति से तकरीबन 10 हज़ार पुलिसकर्मियों को लाभ मिलेगा. कई पुलिसकर्मी, जो हवलदार के ओहदे से ही रिटायर हो जाते थे, वो अब सहायक उप निरीक्षक (ASI) तो बन ही सकेंगे. इस नीति का मकसद पुलिसकर्मियों को सेवाकाल के दौरान समयबद्ध तरीके से प्रोन्नति के कम से कम तीन मौके देना है.

255 वें बैच की इस पासिंग आउट परेड
परेड का निरीक्षण करते कैप्टन अमरिंदर सिंह
255 वें बैच की इस पासिंग आउट परेड
परम्परागत खाकी वर्दी के साथ सजी लाल, नीली, पीली चटक रंगों से बनी पगड़ी पर एकतरफ लटके सुनहरे झालर के साथ कदमताल करते रंगरूट
255 वें बैच की इस पासिंग आउट परेड
परेड की सलामी लेते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह