भारत के वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को मिला संयुक्त राष्ट्र का अवार्ड

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वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो
Tilottma Varma receives UN award for WCCB

पृथ्वी के पर्यावरण की रक्षार्थ काम करने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था यूनाइटेड नेशंस इन्वायरमेंट प्रोग्राम ने वन्य जीवों के प्रति होने वाले अपराधों को रोकने के लिए भारतीय संगठन वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) को अभिनव श्रेणी के अवार्ड से सम्मानित किया है. संयुक्त राष्ट्र संघ से सम्बद्ध इस अवार्ड को हाल ही में ब्यूरो की प्रमुख तिलोत्तमा वर्मा ने एक कार्यक्रम में स्वीकार किया था और बुधवार को उन्होंने अवार्ड प्रतीक केन्द्रीय विज्ञान व तकनीक, वन और पर्यावरण मंत्री डॉ हर्षवर्धन को सौंपा.

वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो
भारत के वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को मिले संयुक्त राष्ट्र के अवार्ड को केन्द्रीय विज्ञान व तकनीक, वन और पर्यावरण मंत्री डॉ हर्षवर्धन को सौंपती ब्यूरो की प्रमुख तिलोत्तमा वर्मा.

वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (वन्यजीव अपराध नियन्त्रण ब्यूरो) को , पर्यावरण के प्रति अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अचानक बढ़ी आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए अनूठे किस्म से तकनीक अपनाने के लिए एशिया इन्वायरमेंट इन्फोर्समेंट अवार्ड (Asia Environment Enforcement Award) से नवाजा गया है. कस्टम, वन और पुलिस विभाग के समावेश से गठित किये गये इस ब्यूरो ने पूरे भारत में वन्य जीवों के प्रति होने वाले अपराधों का और ऐसी अपराधों में शामिल लोगों का इस तरह से आनलाइन डाटा बेस तैयार किया है जिससे कि किसी भी समय आकलन करके, वन्यजीवों को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियों पर काबू पाने में मदद मिल सके.

ब्यूरो की प्रमुख और अतिरिक्त निदेशक आईपीएस अधिकारी तिलोत्तमा वर्मा ने बताया कि उनके संगठन का तैयार किया गया डाटा भारत के सभी 34 राज्यों और संघशासित प्रदेशों के साथ साथ 50 टाइगर रिज़र्व के अधिकारी इस्तेमाल के सकते हैं. इस डाटा में 1800 से ज्यादा शिकारियों का विस्तृत ब्योरा है जो बाघ,गैंडे, तेंदुए और पेंग्विन से लेकर कछुओं तक को अपना निशाना बनाते हैं. इसके अलावा वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो ने 2017-18 में वैश्विक स्तर पर की गई आपरेशन थंडरस्ट्रोम, आपरेशन थंडरबर्ड जैसी कार्रवाइयों में हिस्सा लिया. कछुओं की तस्करी और गैरकानूनी कारोबार रोकने के लिए ब्यूरो ने देश के कोने कोने में आपरेशन सेव कुर्मा जैसी कार्रवाई की.

आनलाइन कारोबार के रुझान में वृद्धि का फायदा उठाकर छोटे छोटे दुर्लभ प्रजाति के जीवों की और उनसे बनने वाले उत्पादों के लिए ऐसे धन्धेबाज़ कई ऑनलाइन पोर्टल का सहारा लेते हैं. श्रीमती वर्मा ने बताया कि इन तौर तरीकों को ध्यान में रखते हुए ब्यूरो के विशेषज्ञों ने अमेज़न, ओलेक्स, क्विकर, स्नेपडील जैसे व्यापार पोर्टल के प्रबंधकों से संपर्क किया और उन्हें जागरूक किया ताकि वो इस तरह के उत्पादों की खरीद फरोख्त करने वालों को अपने पोर्टल का इस्तेमाल न करने दें.

वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधीन काम करता है. इसकी वर्तमान प्रमुख भारतीय पुलिस सेवा के उत्तर प्रदेश कैडर के 1990 बैच की अधिकारी तिलोत्तमा वर्मा हैं. उन्होंने बताया कि ब्यूरो न सिर्फ देश के पुलिस और तमाम सरकारी एजेंसियों को वन्यजीवों के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम में मदद करने के लिए प्रशिक्षण दे रहा है बल्कि इस काम में सहयोग के लिए आम लोगों को भी वालंटियर के तौर पर शामिल होने के लिए प्रेरित करता है.

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