दिल्ली पुलिस का 73 वां स्थापना दिवस : अमित शाह ने याद दिलाई ड्यूटी साथ ही आभार जताया

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दिल्ली पुलिस के 73 वें स्थापना दिवस के मौके पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गार्ड आफ आनर का निरीक्षण किया.

दिल्ली पुलिस के 73 वें स्थापना दिवस के मौके पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों से कहा कि वे अपने दिल में पुलिस के प्रति सम्मान का भाव रखें क्यूंकि उनकी सुरक्षा के लिए वह हर जगह तैयार रहती है. लोग जब त्योहार मना रहे होते हैं या देश कोई पर्व मना रहा होता है तो पुलिस के लिए ड्यूटी का ये ख़ास मौका होता है. इतना ही नहीं देश और नागरिकों की सुरक्षा में ये अपना बलिदान भी देते हैं. उन्होंने कहा कि देश की आजादी से लेकर अब तक 35 हज़ार पुलिसकर्मियों ने प्राणों का बलिदान दिया है.

73 वें स्थापना दिवस के मौके पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह सलामी लेते हुए.

स्थापना दिवस परेड का आयोजन रविवार की सुबह किंग्सवे कैम्प स्थित न्यू पुलिस लाइंस में किया गया. दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अलावा इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और पुदुचेर्री की उपराज्यपाल और भारतीय पुलिस सेवा की रिटायर्ड अधिकारी किरण बेदी भी मौजूद थीं. दिल्ली में फिर चुने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल इस मौके पर नहीं थे. लगभग उसी समय यहाँ से चंद किलोमीटर के फासले पर रामलीला मैदान में उनका तीसरा शपथ ग्रहण चल रहा था.

73 वें स्थापना दिवस के मौके पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ अफसर और कार्मिक.

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली आने वाले लोगों से कहा कि वे यहाँ पर बनाये गए पुलिस स्मारक पर भी जाया करें. यहाँ उन्हें पुलिस का गौरवपूर्ण इतिहास देखने को मिलेगा जो गर्व का विषय है. देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल का ज़िक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि दिल्ली पुलिस की स्थापना लौह पुरुष सरदार पटेल के हाथों हुई थी और ये बात पुलिस का गर्व हमेशा बढ़ाती रहेगी. अमित शाह ने सरदार पटेल की 19 मार्च 1950 को कही गई बात का ज़िक्र करते उसे अप्रत्यक्ष तौर पर, दिल्ली में वर्तमान में कई दिन से चल रहे शाहीन बाग़ के धरने व उससे जुडी घटनाओं में पुलिस की ड्यूटी से भी जोड़ दिया. उन्होंने सरदार पटेल की बात के हवाले से कहा कि पुलिस को अपना मिजाज़ ठंडा रखना चाहिए लेकिन ये भी सुनिश्चित करना चाहिए कि नागरिकों को उपद्रवियों से परेशानी न हो.

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि 1991 से लेकर अब तक दिल्ली पुलिस के 30 जवानों ने बलिदान दिया है. उन्होंने इस अवसर पर 2001 में संसद पर आतंकवादी हमले में शहीद हुए दिल्ली पुलिस के उन पांच कर्मियों सहायक उप निरीक्षक (एएसई ASI ) नानक चंद और रामपाल, हवलदार (हेड कांस्टेबल) बिजेंदर सिंह, घनश्याम और ओमप्रकाश को याद किया जिन्हें कीर्ति चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया था और साथ ही दिल्ली के बाटला हाउस में आतंकवादियों से मुकाबले में शहीद हुए इन्स्पेक्टर मोहन चंद शर्मा का भी ज़िक्र किया.

अमित शाह ने पुलिस के कर्मियों के लिए आवास की समस्या का ज़िक्र किया और बताया कि सरकार इसके लिए इंतजाम कर रही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस न सिर्फ देश बल्कि दुनिया के प्रमुख नगरों की पुलिस की प्रमुख पंक्ति में है. उन्होंने कहा कि देश की राजधानी की पुलिस होने के नाते भी दिल्ली पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस के लिए प्रेरणा है.

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