ईरान ने अलग-अलग हमलों में अमेरिका के दो सैन्य विमानों को मार गिराया. इस घटना में एक सैनिक को बचा लिया गया, जबकि कम से कम एक सैनिक अभी भी लापता है. दोनों घटनाएं शुक्रवार को हुई थीं . लापता सैनिक की खोज खबर में अमेरिका और उसके सहयोगी जुटे हुए हैं लेकिन शनिवार तक तक उन्हें इसमें कामयाबी नहीं मिल पाई . तकरीबन करीब पांच हफ़्ते से चल रहे इस युद्ध के शुरू होने के बाद से यह स्थिति में आया एक बड़ा और नाटकीय बदलाव है. यह तो तब है जब इन घटनाओं से सिर्फ दो दिन पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को पूरी तरह तबाह करके उसे हरा देने का दावा किया था.
यह पहली बार है जब इस संघर्ष में अमेरिका के विमानों को मार गिराया गया है. यह घटना राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस राष्ट्रीय संबोधन के ठीक दो दिन बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने “ईरान को हरा दिया है और पूरी तरह से तबाह कर दिया है” और वह “इस काम को पूरा करने जा रहा है, और हम इसे बहुत तेज़ी से पूरा करेंगे।”
इसके अलावा, ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि फ़ारस की खाड़ी में एक अमेरिकी ए -10 हमलावर विमान, ईरान की रक्षा सेनाओं द्वारा निशाना बनाए जाने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
एक अमेरिकी अधिकारी ने, जिसने एक संवेदनशील सैन्य स्थिति पर चर्चा करने के लिए नाम न छापने की शर्त पर बात की, पहले कहा था कि यह स्पष्ट नहीं है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ या उसे मार गिराया गया, या इसमें ईरान का कोई हाथ था. न तो क्रू सदस्यों की स्थिति और न ही यह कि विमान के गिरने की जगह की सही जानकारी मिल सकी.
शुक्रवार को ईरान ने पूरे मध्य पूर्व में अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए. अमेरिका और इजरायल के इस दावे के बावजूद कि ईरान की सैन्य क्षमता लगभग पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है, ईरान ने इजरायल और उसके खाड़ी अरब पड़ोसियों पर दबाव बनाए रखा.













