क्या हुआ? जब भारत-पाकिस्तान के DGMO ने वीरवार की शाम को वार्ता की

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India-Pakistan DGMO met
प्रतीकात्मक फोटो

पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन के बाद पाकिस्तान और भारत के सैन्य आपरेशन के महानिदेशकों (DGMO) के बीच आज शाम हाटलाइन पर हुयी पहली बातचीत को दोनों पक्ष संतोषजनक मान रहे हैं. वैसे ये वार्ता दोनों देशों के स्वतंत्रता दिवस के मौके के हिसाब से तय हुई थी. पाकिस्तान 14 और भारत 15 अगस्त को स्वतन्त्रता दिवस मनाता है. दोनों देशों के अधिकारियों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई बातचीत के दौरान, आज़ादी के दिन की, एक दूसरे को मुबारकवाद दी.

शाम पांच बजे हुई इस वार्ता के बारे में भारतीय सेना की तरफ से दी गई आधिकारिक सूचना के मुताबिक पाकिस्तान के अधिकारियों ने, नियंत्रण रेखा (LOC) के निकट वाले इलाके में हानिकारक तत्वों की गतिविधियां दिखाई देने पर तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया और भारत की तरफ से सूचना साझा किये जाने पर आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद करने का भी भरोसा दिया.

सीमा पर शान्ति के हालात कायम करने में भारतीय सैनिकों की तरफ से किये गये उपायों पर पाकिस्तान के अधिकारियों ने संतोष जाहिर किया है. इस दौरान सीज़फायर उल्लंघन की घटनाओं में भी तेज़ी से कमी आई है. भारतीय सैन्य अधिकारियों ने उन्हें जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों की घुसपैठ चिंता की सबसे बड़ी वजह है. घुसपैठ की कोशिश की ये घटनाएं पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के उत्तरी हिस्से से खासतौर से सामने आई हैं. पाकिस्तान को उस हिस्से में घुसपैठ के लिए तैयार लांचपैड (ठिकानों) का इलाज़ करना होगा.

भारतीय DGMO ने पाकिस्तान को आश्वस्त किया है कि 2003 के हिसाब से सीज़फायर का पालन किया जायेगा बशर्ते पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ रोकने के असरदार उपायों की पहल करे और जम्मू कश्मीर में आतंकवाद भड़काना बंद करे.

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