भारत और जापानी सेनाओं का पहला संयुक्त अभ्यास ‘धर्म गार्जियन-2018’

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धर्म गार्जियन-2018
भारतीय सेना की जबरदस्त मारक क्षमता वाली 6/1 गोरखा रायफल्स. फाइल फोटो

भारत और जापान की सेना पहली बार संयुक्त अभ्यास करेंगी. सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने के मकसद से किये जा रहे इस अभ्यास को ‘धर्म गार्जियन-2018’ (DHARMA GUARDIAN-2018) नाम दिया गया है जो 1 नवम्बर से 14 नवम्बर 2018 तक भारत के मिज़ोरम राज्य के वैरेंटे में स्थित काउंटर इन्सर्जेंसी वारफेयर स्कूल (Counter-Insurgency and Jungle Warfare School – CIJWS) में होगा.

इस सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना की जबरदस्त मारक क्षमता वाली 6/1 गोरखा रायफल्स और जापान ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स की 32 इन्फैंट्री रेजीमेंट के सैनिक हिस्सा लेंगे.

नवम्बर के पहले पूरे पखवाड़े में संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘धर्म गार्जियन-2018’ के दौरान दोनों देशों के रक्षा बलों के बीच अंतर-परिचालन पर विशेष जोर दिया जाएगा. दोनों पक्ष शहरी क्षेत्रों में युद्ध जैसी स्थिति बनने पर संभावित खतरों से निबटने के लिए अनगिनत सामरिक सैन्य अभ्यास के लिए संयुक्त रूप से प्रशिक्षण की व्यवस्था एवं योजना बनाने के साथ-साथ उनका समुचित कार्यान्वयन भी करेंगे.

धर्म गार्जियन-2018
जापान ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स की 32 इन्फैंट्री रेजीमेंट के सैनिक.

इसके अलावा दोनों ही पक्षों के विशेषज्ञ परिचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपनी विशेषज्ञता को साझा करने के लिए विस्तृित परिचर्चाएं भी करेंगे. संयुक्त अभ्यास के दौरान की गई कवायद से आतंकवाद से जुड़े वैश्विक घटनाक्रम पर करीबी नजर रखने में भी आसानी होगी.

थल सेना के जन सम्पर्क अधिकारी कर्नल अमन आनन्द ने बताया कि ‘धर्म गार्जियन-2018’ दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग सहित सामरिक संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है. इस सैन्य अभ्यास से पारस्परिक समझ विकसित करने और एक दूसरे की सेनाओं के प्रति सम्मान भाव उत्पन्न‍ करने में काफी मदद मिलेगी. इससे आतंकवाद से जुड़े वैश्विक घटनाक्रम पर करीबी नजर रखने में भी आसानी होगी.