कैंसर, कोविड से जीता मगर जिंदगी की जंग हार गया एक चैम्पियन मुक्केबाज़ फौजी

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बॉक्सर डिंगको सिंह
1998 में बैंकाक में हुए एशियाई खेलों के दौरान मुक्केबाज़ी में गोल्ड मेडल जीतने वाले बॉक्सर डिंगको सिंह.

मुक्केबाज़ी की दुनिया के सितारे रहे पूर्व सैनिक डिंगको सिंह ने भी आखिर इस दुनिया को अलविदा कह दिया. भारतीय नौसेना में बॉक्सिंग कोच रहे डिंगको सिंह मास्टर चीफ पेट्टी ऑफिसर के तौर पर रिटायर हुए थे. एशियाई खेलों में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाले, अर्जुन पुरस्कार से लेकर पद्मश्री तक से सम्मानित बॉक्सिंग सुपर स्टार डिंगको सिंह कैंसर से लड़ते लड़ते जिंदगी – मौत का खेल हार गये. मणिपुर के मूल निवासी डिंग्को सिंह ने कल (गुरुवार) की सुबह आखिरी सांस ली. वह 41 बरस के थे. बॉक्सर डिंगको सिंह का अंतिम संस्कार पूर्व इम्फाल ज़िले के पैतृक गाँव सेकता में गुरुवार को किया गया.

बॉक्सर डिंगको सिंह
बॉक्सर डिंगको सिंह

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह समेत खेल जगत और विभिन्न क्षेत्रों की जानी मानी हस्तियों ने बॉक्सर डिंगको सिंह के निधन पर अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए पीड़ा व्यक्त की है. वह पिछले कुछ साल से कैंसर रोग से संघर्ष कर रहे थे. भारत सरकार ने बॉक्सर डिंगको सिंह को 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया था. मणिपुर सरकार ने राजधानी इम्फाल की एक प्रमुख सड़क का नाम डिंगको सिंह के नाम पर रखा था.

बॉक्सर डिंगको सिंह
बॉक्सर डिंगको सिंह

प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने डिंगको सिंह के निधन पर अफ़सोस प्रकट करते हुए अपने ट्वीट संदेश में कहा है कि वह खेल जगत के एक ऐसे सुपर स्टार और बेहतरीन मुक्केबाज़ थे जिन्होंने न सिर्फ नाम कमाया बल्कि मुक्केबाज़ी की लोकप्रियता में भी योगदान दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने बॉक्सर डिंगको सिंह के निधन पर ट्वीट किया. ” उनके निधन से दुःख हुआ. परिवार और उनके चाहने वालों के प्रति संवेदनाएं. ओम शान्ति “.

सम्मान और पुरस्कार :

बॉक्सर डिंगको सिंह
बॉक्सर डिंगको तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से पद्म्श्री प्राप्त करते हुए. (फाइल)

बॉक्सर डिंगको सिंह ने 1998 में बैंकाक में हुए एशियाई खेलों के दौरान मुक्केबाज़ी में गोल्ड मेडल जीता था. सरकार ने 1998 में डिंगको सिंह को अर्जुन पुरस्कार दिया था. 2013 में डिंगको सिंह को पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था.

बीमारियों से जंग :

डिंगको सिंह काफी समय से बीमार थे. उन्हें पहले लिवर का कैंसर था जिसका इलाज 2017 से चल रहा था. मुक्केबाज़ डिंगको सिंह को वैश्विक महामारी कोविड 19 का संक्रमण भी पिछले साल हुआ था जो उनकी सेहत के लिए नई चुनौती लेकर आया. मुक्केबाज़ डिंगको सिंह इस खतरनाक कोरोना वायरस को भी मात देकर एक योद्धा की तरह उसके संक्रमण से बाहर निकल आये थे.

इसी साल जनवरी में दिल्ली स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ़ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (Institute of Liver and Biliary Sciences (ILBS) में रेडियो थेरेपी करवाने के बाद बॉक्सर डिंगको सिंह इम्फाल लौटे थे. अप्रैल में तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें एयर लिफ्ट करके इसी अस्पताल में ले जाया गया था जहां से उन्हें छुट्टी भी मिल गई थी. इसके साथ ही उन्हें पीलिया भी हो गया था.