वायु सेना की स्पीड व तकनीक और डॉक्टरों की काबिलियत से हुआ शानदार काम

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दिल्ली में सेना के आर एंड आर अस्पताल में ऑपरेशन के बाद चिकित्सा दल के साथ घायल जवान

भारत – चीन सीमा के पास लदाख में भारतीय सेना के एक जवान को फ़ौरन दिल्ली लाकर ईलाज करने की एक चुनौती का कामयाबी से सामना करने की शानदार मिसाल कायम हुई है.

भारतीय वायु सेना के प्रवक्ता ने लदाख की इस घटना का खुलासा सोशल मीडिया पर अपने आधिकारिक हैंडल पर किया है . दरअसल अग्रिम क्षेत्र में तैनात भारतीय थल सेना के जवान का हाथ मशीन चलाते हुए कट गया था. विशेषज्ञों का कहना था कि 6 से 8 घंटे में अगर इसकी सर्जरी हो जाए तो उपचार में कामयाबी हासिल हो सकती है . कटे हुए हाथ को उस सूरत में ही बचाया जा सकता है.

ऐसी सुचना मिलते ही भारतीय वायु सेना ने एक घंटे के भीतर ही अपना   सी – 130 जे विमान (IAF C-130J aircraft ) लांच कर दिया और सही समय पर घायल जवान को लदाख से नई दिल्ली स्थित  आर एंड आर अस्पताल में सर्जरी के लिए ले आया गया . लदाख में रात विमान  की लैंडिंग व उड़ान इसलिए हो पाई क्योंकि विमान नाइट विजन गोगल्स सिस्टम ( NVGs ) से लैस था.

एक्स पर पोस्ट की गई सूचना में बताया गया है कि लदाख  सेक्टर से एनवीजी पर अंधेरी रात में एयरलिफ्ट के कारण घायलकर्मी  को तुरंत चिकित्सा सहायता मिली.  चिकित्सा कर्मियों की एक समर्पित टीम ने सफल सर्जरी की और जवान अब ठीक होने की राह पर है.