भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत डेना को अमेरिका ने डुबोया , 87 नौसैनिकों की मौत

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बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास 'मिलान 2026 ' 25 फरवरी को विशाखापत्तनम के तट पर सम्पन्न हुआ था.
बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास 'मिलान 2026 ' 25 फरवरी को विशाखापत्तनम के तट पर सम्पन्न हुआ था.

ईरान पर इसराइल – अमेरिका के संयुक्त हमले से भड़के युद्ध के पांचवें दिन बुधवार (4 मार्च) को हिन्द महासागर क्षेत्र में आईआरआईएस डेना ( iris dena) का डूबना इस युद्ध की विभीषिका और इसके दायरे को बढ़ा सकता है . इस हमले में 80 से ज्यादा  ईरानी नौसैनिकों की मौत हुई है और 32  लोगों  को श्रीलंका के सैनिकों ने बचा लिया है. उनको इलाज के लिए गाले स्थित अस्पताल में भर्ती किया गया है . ईरान ने इसे समुद्र में किया गया  ज़ुल्म बताया और चेतावनी दी है कि अमेरिका को इसके लिए पछताना पड़ेगा.

ईरानी युद्धपोत डेना पर अमेरिकी पनडुब्बी ने उस वक्त हमला किया जब डेना भारत के निमंत्रण पर युद्ध अभ्यास मिलान  2026 ( milan 2026 ) में हिस्सा लेने के बाद वापस अपने मुल्क जा रहा था. डेना  पर 130  लोग सवार थे. संभवत पहले से घात लगाए मौजूद अमेरिकन पनडुब्बी ने इस पर टारपीडो हमला किया . देना पर सवार लोगों में से अब तक 87 के  शव मिले है बाकियों की तलाश में ऑपरेशन जारी रखा गया. हमला श्रीलंका के दक्षिण छोर पर समुद्र तट से  40 नॉटिकल मील के फासले पर हुआ.

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची (seyed abbas araghch) ने एक एक्स (X) पर अपनी पोस्ट में कहा कि अमेरिका ने  ईरान के किनारे से 2,000 मील दूर समुद्र में एक ज़ुल्म किया है. अमेरिका ने बिना किसी चेतावनी के युद्धपोत डेना पर हमला किया जो भारत की नौसेना ( indian navy ) का मेहमान जहाज़ था. उन्होंने कहा – मेरी बात याद रखना , अमेरिका को अपनी बनाई इस मिसाल पर बहुत पछतावा होगा .

इससे पहले अमेरिका के रक्षा सचिव  पीट हेगसेथ ( pete hegseth )  ने पुष्टि की है कि अमेरिका ने आइरिस डेना को तब डुबोया जब वह श्रीलंका के तट के पास से गुज़र रहा था. अमेरिकन रक्षा मुख्यालय  पेंटागन ने एक ब्लैक-एंड-व्हाइट फुटेज जारी की है जिसमें एक मार्क 48 हेवी वेट टॉरपीडो  युद्धपोत पर हमला करता दिखाया गया है.

हेगसेथ ने कहा, “एक अमेरिकी पनडुब्बी  ने उस एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिसे लगा था कि वह इंटरनेशनल पानी में सुरक्षित है. ” उन्होंने कहा कि हमला मंगलवार देर रात किया गया था. पीट हेगसेथ ने आगे कहा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद , टॉरपीडो हमले में किसी दुश्मन युद्धपोत के डूबने की यह पहली घटना है . उन्होंने इसे युद्धपोत  की खामोश मौत बताया.

श्रीलंका के विदेश मंत्री, विजिथा हेराथ ( vijitha herath) के मुताबिक, उनके तटरक्षकों  को बुधवार सुबह 5.08 बजे आइरिस डेना से एक डिस्ट्रेस कॉल आया था जिसमें चालक दल के सदस्यों  ने इस घटना को एक धमाका बताया था. श्रीलंका ने मदद के लिए पहला  जहाज़ 6 बजे और दूसरा 7 बजे भेजा. प्रवक्ता का  कहना था कि ‘मदद के लिए पुकार ‘  का जवाब देना उनकी ज़िम्मेदारी है क्योंकि  श्रीलंका  इंटरनेशनल कन्वेंशन ऑन मैरीटाइम सर्च एंड रेस्क्यू का हिस्सेदार है. उसने दस्तखत इसके नियमों पर दस्तखत किए हुए हैं .

, श्रीलंकाई नौसेना  के प्रवक्ता  बुधिका संपत ( budhika sampat ) ने कहा कि बचाव दल  को उस इलाके में कोई जहाज़  नहीं दिखा. हालांकि जहाज़ की लोकेशन “हमारे पानी के बाहर थी,” संपत ने कहा, “यह हमारे खोज और बचाव क्षेत्र   में था. इसलिए हम इंटरनेशनल ज़िम्मेदारियों के हिसाब से जवाब देने के लिए मजबूर थे.”

मिलान 2026:
बहुराष्ट्रीय युधाभ्यास ‘मिलान 2026 ‘ 25 फरवरी को विशाखापत्तनम के तट पर सम्पन्न हुआ था.  भारतीय रक्षा मंत्रालय ने समापन समारोह पर जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा था ,  ‘भाईचारा, सहयोग, सहभागिता’ की विषयवस्तु के अंतर्गत आयोजित मिलान 2026 में अभूतपूर्व पैमाने पर सहभागिता देखी गई, जिसमें 42 जहाज और पनडुब्बियां तथा 29 विमान शामिल थे. ईरान का स्वदेशी जहाज़ डेना भी इनमें से एक था. अभ्यास में हिस्सा  लेने वाले मित्र विदेशी देशों के 18 जहाज भी शामिल थे. इसके साथ ही, मित्र देशों के जहाजों पर तैनात अभिन्न हेलीकॉप्टरों के अतिरिक्त, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका के समुद्री गश्ती विमानों ने भी हिस्सा लिया.