अमेरिकी सेंट्रल कमांड ( american central command ) ने विमान क्रैश के कारणों के बारे में नहीं बताया है . उसका कहना है कि इसकी जांच की जा रही है, लेकिन विमान का नुकसान “दुश्मन या अपनी ही तरफ से हुई गोलीबारी (friendly fire) के कारण नहीं हुआ.”
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना था कि गुरुवार को पश्चिमी इराक में हुआ यह क्रैश “दोस्ताना हवाई क्षेत्र” में दो विमानों से जुड़ी एक अज्ञात घटना के बाद हुआ, और दूसरा विमान सुरक्षित रूप से उतर गया.
ओहियो के गवर्नर माइक डेवाइन ( ohio governor mike de wine ) ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि जान गंवाने वाले चालक दल के 6 सदस्यों में से तीन उनके राज्य के थे और ओहियो एयर नेशनल गार्ड की 121वीं एयर रिफ्यूलिंग विंग के साथ तैनात थे. उन्होंने उनकी पहचान उजागर नहीं की, लेकिन उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की.
इस क्रैश के साथ, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ( epic fury ) में अमेरिकी सेना के मरने वालों की संख्या कम से कम 13 हो गई है, जिनमें से सात अन्य युद्ध में मारे गए थे. पेंटागन ने इस हफ्ते की शुरुआत में बताया था कि अब तक तकरीबन 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं. इनमें गंभीर रूप से घायल सैनिकों की तादाद 8 है .
बोइंग कम्पनी का बनाया केसी -135 विमान अमेरिकी सेना में 60 अधिक वर्षों से सेवा में है और कई जानलेवा दुर्घटनाओं में शामिल रहा है, यह बोइंग 707 यात्री विमान के समान डिजाइन पर आधारित है . इनमें सबसे हालिया दुर्घटना 2013 में हुई थी.
गुरुवार को गिरा यह चौथा ऐसा अमेरिकी सैन्य विमान है जिसके क्रैश होने की बात 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से सार्वजनिक रूप से स्वीकार की गई है.
ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने शुक्रवार सुबह पेंटागन में पत्रकारों को बताया कि यह क्रैश “पश्चिमी इराक में दोस्ताना क्षेत्र के ऊपर हुआ, जब चालक दल एक युद्धक मिशन पर था,” और उन्होंने फिर दोहराया कि दुश्मन या अपनी ही तरफ से हुई गोलीबारी इसका कारण नहीं थी.
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी रिफ्यूलिंग टैंकर ( refuelling tanker ) का दुश्मन की गोलीबारी से गिराया जाना दुर्लभ होता है क्योंकि ऐसे ऑपरेशन आमतौर पर युद्ध क्षेत्रों के पीछे किए जाते हैं. पिछले हफ़्ते, तीन अमेरिकी एफ – 15 ई (F-15E) लड़ाकू विमान गलती से , युद्ध में मित्र देश कुवैत की सेना , ने गिरा डाले थे . वैसे सभी छह क्रू सदस्य सुरक्षित रूप से बाहर निकल गए थे.
केसी -135 स्ट्रैटोटैंकर एक अमेरिकी वायु सेना का विमान है जिसका उपयोग हवा में ही अन्य विमानों में ईंधन भरने के लिए किया जाता है, जिससे वे लंबी दूरी तक उड़ पाते हैं और बिना ज़मीन पर उतरे अपने ऑपरेशन जारी रख पाते हैं. सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस विमान का उपयोग मेडिकल इवैक्यूएशन (चिकित्सा निकासी) के दौरान घायल कर्मियों को ले जाने या निगरानी मिशन चलाने के लिए भी किया जाता है.
कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस के अनुसार, पिछले साल वायु सेना के पास 376 केसी -135 विमान थे, जिनमें से 151 सक्रिय ड्यूटी पर, 163 एयर नेशनल गार्ड में और 62 एयर फ़ोर्स रिजर्व में थे. वैसे इनको धीरे धीरे हटाए जाने की योजना है .
सामन्यत बुनियादी केसी -135 विमान में चालक दल में तीन लोग होते हैं: एक पायलट, एक को-पायलट और एक बूम ऑपरेटर. हवाई-चिकित्सा निकासी मिशनों में नर्स और मेडिकल तकनीशियनों को भी शामिल किया जाता है.
रिफ्यूलिंग आमतौर पर विमान के पिछले हिस्से में होती है, जहां बूम ऑपरेटर मौजूद होता है. लड़ाकू विमानों, बमवर्षकों या अन्य विमानों से जुड़ने के लिए एक फ्यूल बूम नीचे उतारा जाता है. कई विमानों में, बूम ऑपरेटर पेट के बल लेटकर काम करता है, और विमान के निचले हिस्से में बनी एक खिड़की से बाहर देखता रहता है. कुछ केसी -135 विमान अपने पंखों पर लगे पॉड्स (pods) से भी अन्य विमानों में ईंधन भर सकते हैं. इन टैंकरों में ज़रूरत पड़ने पर सामान या यात्रियों को ले जाने की जगह होती है.
इस विमान से जुड़ा हवा में सबसे गंभीर हादसा 1966 में हुआ था, जब परमाणु बम ले जा रहा एक बी -52 ( B-52) बॉम्बर विमान, स्पेन के पालोमा रेस के पास एक टैंकर से टकरा गया था. इस हादसे के कारण टैंकर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, और उसमें सवार चारों लोगों की मौत हो गई. इस भीषण आपदा के बाद बड़े पैमाने पर सफाई और प्रदूषण-मुक्ति का काम करना पड़ा था.













