ऐसे पुलिस अधिकारी भी होते हैं जिनके बारे में जान हैरान हुआ पत्रकार

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श्लोक कुमार
2014 बैच के आईपीएस अधिकारी श्लोक कुमार.

इस पुलिस अधिकारी को न मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूं न ही कभी मिला हूं… ये भी मुझे नहीं जानते हैं, लेकिन अभी दो घंटे पहले जानकारी जब इनके बारे में जुटाई तो पता चला कि ये हैं श्लोक कुमार 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी और वर्तमान समय में गाजियाबाद में एसपी सिटी पद पर तैनात… जब मैं ये पोस्ट लिख रहा होऊंगा तो ये अधिकारी शायद शहर के किसी और कोने होंगे.

पत्रकार अमित पांडे की फेसबुक वाल से साभार

ये पुलिस अधिकारी क्यों हमारे पुलिस सिस्टम के लिए खास है, ये जानना बेहद जरूरी है.. सर्द रातों में जब हम सब दुबक कर रजाई में सोते हैं तो ये पुलिसवाला निकलता है शहर की निगरानी के लिए..19 दिसंबर को रात दो बजे खुद गाड़ी चलाकर ये जनाब हमारी सोसायटी नीलांबर अपार्टमेंट, कौशांबी, गाजियाबाद आए, गार्ड को बुलाया बिना अपना परिचय दिए सबसे पहले कहा कि पुलिस आपके लिए है.. कोई दिक्कत आए सीधा 100 नंबर फोन करना, सारे नंबर हैं न आपके पास.. फिर उन्होंने खासतौर पर हमारे इलाके की पुलिसिंग के बारे में गार्ड से जानकारी ली, इलाके का मुआयना किया, फिर चले गए.. जाते जाते गार्ड को ये भी कह गए कि चेन बंद कर लीजिए ठंड लग जाएगी..जनाब की दो खास कोशिश थी एक तो इस इलाके के बारे में अच्छी तरीके से जान लेने की (क्योंकि हमारी सोसायटी दिल्ली गाजियाबाद बार्डर से सटी है) और दूसरी कि आम जनता का पुलिस में भरोसा बढ़े एक ह्यूमन टच के साथ.

पिछले 11 साल से इस इलाके में रह रहा हूं और गाजियाबाद हमेशा फर्स्ट नंबर पर रहा है क्राइम के मामले में पूरे यूपी में, रही सही कसर यहां की पुलिस दूर कर देती है.. पत्रकार होने के नाते बहुत बार पुलिस से वास्ता भी पड़ता है, लेकिन ऐसा पहली बार अपने इलाके में देखा कि एसपी स्तर का अधिकारी रात को हमारे इलाके में जनता की जरूरतों को समझने के लिए खुद आया.. और हां सिर्फ एक गाड़ी थी जिसे वह खुद चला रहे थे न तो उस वक्त पब्लिसिटी के लिए कोई मीडिया उनके साथ मौजूद थी और न ही बाद में सोशल मीडिया पर इन्होंने इसका प्रचार किया.. क्राइम रिपोर्टिंग अनुभव के आधार पर मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि श्लोक कुमार जैसा अधिकारी अगर भारत के हर जिले में हो, जिले के कप्तान और एसपी इसी प्रोफेशनल अंदाज में अपनी ड्यूटी करेंगे तो क्रिमिनल, क्राइम का नामोनिशान तो मिट ही जाएगा साथ ही पुलिस और जनता हाथ में हाथ मिलाकर बढ़ेगी आगे.

(क्राइम रिपोर्टिंग का अच्छा अनुभव रखने वाले अमित पांडे वर्तमान में न्यूज़ 18 में कार्यरत हैं )