शपथ के 24 घंटे के अंदर नरेंद्र मोदी कैबिनेट का पहला फैसला, शहीदों के बच्चों की छात्रवृत्ति बढी

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नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट की पहली बैठक में पहला बड़ा फैसला शहीदों को लेकर किया.

30 मई को शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने दूसरे कार्यकाल में कैबिनेट की पहली बैठक में पहला बड़ा फैसला शहीदों को लेकर किया. उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा कोष के तहत प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति स्कीम में अहम बदलावों को मंजूरी देते हुए शहीदों के बच्चों को दी जाने वाली राशि में बढोत्तरी की फाइल पर दस्तखत कर दिए हैं. इस स्कीम में अब आतंकी या नक्सली हमले में शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों को भी शामिल कर लिया गया है.

नई सरकार ने आज कामकाज संभालने के बाद पहला फैसला शहीदों के बच्चों को दी जाने वाली स्कालरशिप में 500 रुपये की वृद्धि के रूप में किया. पहले शहीदों के बच्चों को 2000 रुपये स्कालरशिप मिलती थी, अब यह रकम 2500 रुपये मिलेगी जबकि देश के लिए प्राण गंवाने वाले जवानों की बेटियों को स्कालरशिप 2250 के बजाय 3000 रुपये मिलेगी.

प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर एक वीडियो के साथ यह जानकारी देश से साझा की. इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्कालरशिप से संबंधित फाइल पर दस्तखत करते दिख रहे हैं. उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि “हमारी सरकार का पहला निर्णय उनको समर्पित है जो भारत की रक्षा करते हैं. नेशनल डिफेंस फंड के तहत पीएम स्कालरशिप स्कीम में महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दे दी गई है, जिसमें आतंकी या माओवादी हमलों में शहीद हुए पुलिसवालों के बच्चों की स्कालरशिप बढाना भी शामिल है.”

नेशनल डिफेंस फंड :

राष्‍ट्रीय रक्षा से जुड़े प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए नकदी या वस्‍तु के रूप में प्राप्‍त होने वाले स्‍वैच्छिक दान को संभाल कर रखने और उनके उपयोग के लिए वर्ष 1962 में राष्‍ट्रीय रक्षा कोष (एनडीएफ) बनाया गया था.

वर्तमान में इस कोष का उपयोग सशस्त्र बलों, अर्ध-सैन्‍य बलों और रेलवे सुरक्षा बल के सदस्‍यों तथा उनके आश्रितों के कल्‍याण के लिए किया जाता है. इस कोष का संचालन एक कार्यकारी समिति द्वारा किया जाता है. प्रधानमंत्री इस समिति के अध्‍यक्ष हैं और रक्षा, वित्‍त एवं गृह मंत्री इसके सदस्‍य हैं.

राष्‍ट्रीय रक्षा कोष के तहत ‘प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना (पीएमएसएस)’नामक प्रमुख स्‍कीम कार्यान्वित की जा रही है, जिसका उद्देश्‍य सशस्त्र बलों, अर्ध-सैन्‍य बलों और रेलवे सुरक्षा बल के मृतक/पूर्व कर्मी की विधवाओं एवं बच्‍चों की तकनीकी और स्‍नातकोत्‍तर शिक्षा को बढ़ावा देना है. छात्रवृत्तियां तकनीकी संस्‍थानों (चिकित्सा, दंत चिकित्सा, पशु चिकित्सा, इंजीनियरिंग, एमबीए, एमसीए और एआईसीटीई/यूजीसी से समुचित अनुमोदन प्राप्‍त अन्य समतुल्‍य तकनीकी पेशा) में शिक्षा के लिए उपलब्‍ध हैं.

पीएमएसएस के तहत प्रत्‍येक वर्ष रक्षा मंत्रालय द्वारा नियंत्रित सशस्‍त्र बलों के 5500 बच्‍चों (वार्ड) के लिए, गृह मंत्रालय द्वारा नियंत्रित अर्ध-सैन्‍य बलों के 2000 बच्‍चों के लिए और रेल मंत्रालय द्वारा नियंत्रित बलों के 150 बच्‍चों के लिए नई छात्रवृत्तियां दी जाती हैं.

राष्‍ट्रीय रक्षा कोष में वेबसाइट ndf.gov.in के जरिये ऑनलाइन स्‍वैच्छिक दान को स्‍वीकार किया जाता है.