एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक इस तैनाती का एक मुख्य आकर्षण आईएनएस सुदर्शिनी ( ins sudarshini) का प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टॉल-शिप कार्यक्रमों–एस्केल ए सेट फ्रांस में और अमेरिका के न्यूयॉर्क में एसएआईएल 250 में हिस्सा लेना होगा. इन दोनों कार्यक्रमों में, आईएनएस सुदर्शिनी भारत की गौरवशाली समुद्री विरासत और समुद्री परंपराओं का प्रतिनिधित्व करेगा.
यात्रा के दौरान, जो 200 से ज्यादा प्रशिक्षु गहन सेल प्रशिक्षण लेंगे, उन्हें लंबी दूरी के समुद्री नेविगेशन और समुद्र में पारंपरिक नौकायन का अमूल्य अनुभव मिलेगा. यह तैनाती प्रशिक्षुओं को बड़े जहाज पर जीवन की बारीकियों से परिचित कराएगी और उन्हें दूसरी नौसेनाओं के प्रशिक्षुओं के साथ बातचीत करने के मौके देगी जिससे पेशेवर आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा और दोस्ती के स्थायी बंधन बनेंगे.

विज्ञप्ति के मुताबिक़ आईएनएस सुदर्शिनी आने वाले देशों की नौसेनाओं के साथ प्रशिक्षण क्रियाकलाप और समुद्री साझेदारी कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेगी, जिससे सामुद्रिक सहयोग मजबूत हो और महासागर के विजन को आगे बढ़ाया जा सके. यह यात्रा सांस्कृतिक कूटनीति का एक शक्तिशाली प्रतीक है, जो देशों के बीच सहयोग और आपसी विश्वास के पुल बनाने के लिए भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है.
आईएनएस सुदर्शिनी, भारतीय नौसेना का दूसरा सेल प्रशिक्षण जहाज ( sail training ship ) है जो अब तक 1,40,000 नॉटिकल मील से ज्यादा का सफर तय कर चुका है. लोकायन 26 के जरिए यह वैश्विक मंच पर भारत की सामुद्रिक शक्ति, व्यावसायिकता और सद्भावना की मिसाल बनी हुई है.













